मछली पालन में सिर्फ तालाब और मछलियां काफी नहीं होतीं, असली कमाई तय करता है उनका खाना. 

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मछलियों की सेहत, वजन और बिक्री का दाम सीधे उनके खाने पर निर्भर करता है. सही आहार से मछलियां जल्दी बड़ी होती हैं.

जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से दिया गया आहार बर्बाद होता है और तालाब का पानी भी खराब कर देता है.

रोहू, कतला जैसी मछलियों के लिए 18-20% प्रोटीन काफी है, जबकि पंगास जैसी मछलियों को ज्यादा प्रोटीन चाहिए.

अगर मछली की किस्म के हिसाब से प्रोटीन वाला आहार दिया जाए, तो बिना एकस्ट्रा खर्च के उत्पादन बढ़ जाता है.

तैरने वाला आहार ऊपर रहता है, जिससे किसान देख सकता है कि मछलियां कितना खा रही हैं और कितना बच रहा है.

जितना आहार 15 मिनट में खत्म हो जाए, उतनी ही मात्रा देना सबसे सही माना जाता है.

जूट के बोरे में आहार बांधकर देने से ऊपर और नीचे दोनों तरह की मछलियां खाना खा लेती हैं.

मछलियों के कुल वजन का 2-4% आहार देना चाहिए. जैसे-जैसे मछली बड़ी होती है, आहार की मात्रा कम करें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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