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मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं.
हिंदू पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी 2026 को फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पर महाशिवरात्रि मनाई जाएगी.
संध्या के समय स्नान कर सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें. फिर शिव-पार्वती का स्मरण कर रुद्राभिषेक का संकल्प लें.
मिट्टी से शिवलिंग बनाकर उत्तर दिशा में स्थापित करें. पूजा करने वाले का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए.
सबसे पहले गंगाजल से शिवलिंग का स्नान कराएं. इसके बाद गन्ने का रस, कच्चा दूध, शहद और मिश्री से अभिषेक करें.
भगवान शिव को बिल्व पत्र, सफेद चंदन, अक्षत, काला तिल, भांग, धतूरा, शमी पत्र और सफेद पुष्प अर्पित करें.
पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करें. मंत्र जाप से मन शुद्ध होता हैं.
इस दिन मांसाहार और तामसिक भोजन से बचें. शिवलिंग पर कुमकुम या सिंदूर अर्पित न करें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.