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बाहर की अनजान मंडियों से पशु न लें. भरोसेमंद लोकल बाजार या पास के व्यापारी से ही खरीदारी करें.
पशु की दूध उत्पादन क्षमता जांचें. दो-तीन बार दुह कर दूध की मात्रा और गुणवत्ता का सही अंदाजा लगाएं.
गर्भवती गाय या भैंस खरीदने से बचें, क्योंकि इसे लाने-ले जाने के दौरान परेशानी हो सकती है.
इसके साथ ही प्रसव के बाद दूध देने की क्षमता भी पूरी तरह तय नहीं होती.
आंखें चमकदार, शरीर मजबूत, चाल-ढाल सही हो. थन में गांठ या सूजन न हो. पिछले दुग्ध उत्पादन का रिकॉर्ड जरूर लें.
चिड़चिड़ा पशु संभालने में मुश्किल देता है. शांत और सहज स्वभाव वाला पशु ही बेहतर रहता है.
ज्यादाबाजी, जल्दबाजी और अफवाहों में आकर पशु न खरीदें. पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है.
सही पशु, सही देखभाल और नियमित जांच से दूध उत्पादन बढ़ता है और परिवार की आमदनी स्थायी बनती है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.