मुर्गी पालन में नुकसान की सबसे बड़ी वजह है बिना जानकारी नस्ल का चुनाव. हर मुर्गी ज्यादा अंडे नहीं देती. 

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अगर आप कम खर्च में ज्यादा उत्पादन चाहते हैं, तो इन हाई-प्रोडक्शन नस्लों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.

लेगॉर्न मुर्गी साल में 300 प्लस अंडे देने की क्षमता रखती है. ये चारा कम खाती है लेकिन अंडों की लाइन लगा देती है.

जो किसान कम निवेश में ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए लेगॉर्न सबसे बेहतर ऑप्शन मानी जाती है.

लोहमैन ब्राउन: बाजार में भूरे अंडों की मांग और कीमत दोनों ज्यादा होती है. ये नस्ल साल भर में करीब 300 अंडे देती है.

ईसा ब्राउन बहुत कम उम्र में अंडा देना शुरू कर देती है. इसका फायदा यह है कि किसान को जल्दी रिटर्न मिलने लगता है.

ऑस्ट्रेलोर्प: यह नस्ल ठंड सहन करने में माहिर होती है और साल में 250 प्लस अंडे देती है. 

रोड आइलैंड रेड: भारतीय गांवों और मौसम के हिसाब से यह नस्ल बिल्कुल फिट बैठती है और उत्पादन भी भरोसेमंद रहता है.

इन हाई-प्रोडक्शन नस्लों के अंडों का छिलका मजबूत होता है, जिससे बाजार तक ले जाने में नुकसान कम होता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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