भारत में खेती के साथ पशुपालन सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है. 

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लेकिन गर्भावस्था के दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही किसानों को भारी नुकसान करा सकती है.

गर्भधारण के समय पशु ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं, इसलिए सामान्य दिनों से ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है.

इस दौरान पशु के आहार में पोषक तत्वों की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए, वरना सेहत पर सीधा असर पड़ता है.

कैल्शियम की कमी से पशु कमजोर हो सकता है और बाद में गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के अंतिम चरण से करीब 15 दिन पहले कैल्शियम देना शुरू कर देना चाहिए.

गर्भ के तुरंत बाद ज्यादा दूध निकालना नुकसानदायक हो सकता है. कैल्शियम की कमी से मिल्क फीवर हो सकता है.

बहुत ठंडा पानी देने से पशु की सेहत बिगड़ सकती है, इसलिए सामान्य पानी ही दें.

समय रहते खानपान और प्रबंधन सही रखा जाए, तो पशु पूरी तरह सुरक्षित रहता है और उत्पादन भी अच्छा होता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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