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ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को अधिक लाभदायक बनाने के लिए अविशान भेड़ एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो रही है.
अविशान भेड़ एक बार में 2-4 मेमने देती है, जिससे कम समय में झुंड की संख्या तेजी से बढ़ती है.
नई नस्ल में मेमनों की जीवित रहने की संभावना अधिक होती है, जिससे पालन का जोखिम और नुकसान कम होता है.
यह नस्ल कम चारे और सरल देखभाल में भी स्वस्थ रहती है, जिससे किसान का समय और मेहनत बचती है.
एक ही भेड़ से मांस, दूध और ऊन तीनों का उत्पादन संभव है, जिससे आय के स्रोत बढ़ जाते हैं.
यह नस्ल गर्म, ठंडा या शुष्क इलाके, सभी तरह के मौसम में आसानी से पाली जा सकती है.
अगर 100 भेड़ों का पालन किया जाए तो अतिरिक्त मेमनों की बिक्री से सालाना अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है.
सीमित संसाधन वाले छोटे किसान भी इस नस्ल को अपनाकर स्थिर व्यवसाय और आय सुनिश्चित कर सकते हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.