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भेड़ पालन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे खेती के साथ जोड़कर किया जा सकता है.
भेड़ों को महंगे दाने की जरूरत नहीं होती. घास, हरा चारा और खरपतवार से ही उनका पालन हो जाता है.
मालपुरा, मारवाड़ी, जैसलमेरी, मगरा, नाली जैसी नस्लें कम बीमार पड़ती हैं और हर मौसम में खुद को ढाल लेती हैं.
ठंड के मौसम में ऊन की मांग बढ़ जाती है. अच्छी नस्ल की भेड़ों से ऊन बेचकर किसान अतिरिक्त आमदनी कमा सकते हैं.
भेड़ पालन की शुरुआत 2-3 भेड़ों से की जा सकती है, लेकिन बेहतर मुनाफे के लिए 40-50 भेड़ों से शुरुआत करें
20 भेड़ों के लिए करीब 500 स्क्वायर फीट जगह काफी होती है. 30-40 हजार रुपये में बाड़ा तैयार किया जा सकता है.
भेड़ साल में दो बार बच्चे देती है. सही देखभाल से एक मादा से एक बार में दो बच्चे भी मिल सकते हैं.
भेड़ पालन से दूध, मांस, ऊन, चमड़ा और जैविक खाद तक से कमाई होती है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.