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ये नस्लें कम देखभाल और कम खर्च में भी अच्छा दूध देती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता में मजबूत होती हैं.
गिर गाय गुजरात के जंगलों से आती है और प्रतिदिन 8-10 लीटर तक दूध देती है. इसका दूध उच्च गुणवत्ता वाला होता है.
इसका शरीर धब्बेदार, माथा पीछे और सींग मुड़ी हुई होती है. लंबी पूंछ और मध्यम शरीर इसकी खास पहचान है.
पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आई लाल सिंधी गाय भी प्रतिदिन 8-10 लीटर दूध देती है. पालन में आसान और रोगों से सुरक्षित है.
लाल रंग और चौड़ा कपाल इस गाय की पहचान है. यह कम देखभाल में भी अच्छी उत्पादकता देती है.
थारपारकर गाय कच्छ, जैसलमेर और जोधपुर क्षेत्र की है. यह कम देखभाल और कम खुराक में भी बेहतरीन दूध देती है.
खाकी, भूरा या सफेद रंग और विशेष रूप से रेगिस्तानी अनुकूल शरीर इसे बाकी नस्लों से अलग बनाता है.
साहीवाल गाय का रंग लाल, लंबा माथा और छोटे सींग इसे विशिष्ट बनाते हैं. यह रोज 8-10 लीटर तक दूध देती है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.