सर्द हवाएं, पाला और गलत सिंचाई… जनवरी में स्ट्रॉबेरी की खेती किसी टेस्ट से कम नहीं. 

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अगर आप चाहते हैं कि पौधे सुरक्षित रहें और फल चमकदार व मीठे बनें, तो ये जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है.

जनवरी में तापमान तेजी से गिरता है. 5°C से नीचे जाते ही पौधों को पाले से बचाने के लिए ढकने की व्यवस्था करें.

ज्यादा पानी जड़ों को सड़ा सकता है. इस मौसम में ड्रिप इरिगेशन सबसे बेहतर है और सिंचाई हमेशा सुबह के समय ही करें.

फूल और फल पाले से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. खेत में धुआं करना, पराली जलाने का इस्तेमाल फायदेमंद रहता है.

जनवरी में अधिक नाइट्रोजन देने से पत्तियां तो बढ़ती हैं, लेकिन फूल और फल कम आते हैं. 

ठंड में ग्रे मोल्ड और पाउडरी मिल्ड्यू का खतरा बढ़ जाता है. संक्रमित पत्तियां और फल तुरंत हटाएं.

सूखे और कमजोर फूल हटाने से पौधे की ऊर्जा अच्छे फलों के विकास में लगती है, जिससे गुणवत्ता बेहतर होती है.

मलचिंग शीट या सूखी पुआल से मिट्टी की नमी बनी रहती है और फल जमीन के संपर्क में नहीं आते.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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