जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, पशु सुस्त पड़ने लगते हैं, चारा कम खाते हैं और दूध भी घटता है. 

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इसलिए गर्मियों में थोड़ी समझदारी से आप अपने दूध देने वाले पशुओं की सेहत और उत्पादकता को बनाए रखते हैं.

शेड में पर्याप्त जगह होनी चाहिए ताकि पशु आराम से खड़े और बैठ सकें. छत ऊंची और हवादार होनी चाहिए.

पंखे, कूलर या फॉगिंग सिस्टम लगाएं. अगर संभव न हो तो जूट के बोरे और पानी छिड़ककर हवा ठंडी करें.

शेड की जमीन समतल और हल्की खुरदरी होनी चाहिए ताकि फिसलन न हो. पानी जमा न हो, इसके लिए उचित निकासी रखें.

शेड में दोपहर की तेज धूप न पड़े. सुबह और शाम ही ज्यादा गतिविधियां करवाएं.

पशुओं को बार-बार ताजा, साफ और ठंडा पानी दें. पानी की टंकी और बर्तनों की सफाई दिन में कई बार करें.

चारा नांद पर सही ऊंचाई पर रखें, जिससे पशु को चारा खाने में आसानी हो और गर्दन पर दबाव न पड़े.

गर्मी में हरा चारा जल्दी सूख जाता है. इसलिए सुबह और शाम ताजा चारा दें, दोपहर में नहीं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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