तेज धूप और बढ़ते तापमान का सीधा असर दुधारू पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन पर पड़ता है. 

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अगर गर्मियों में खान-पान और पानी की सही व्यवस्था कर दी जाए, तो दूध में कमी से बचा जा सकता है.

तेज तापमान और हरे चारे की कमी से पशुओं की भूख कम हो जाती है, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है.

गर्मियों में दुधारू पशु की डाइट में 60% हरा चारा और 40% सूखा चारा होना जरूरी है, ताकि पोषण संतुलित रहे.

रोजाना करीब 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर और 30-50 ग्राम नमक देने से दूध उत्पादन बेहतर होता है.

बरसीम, ज्वार, बाजरा और साइलेज जैसे हरे चारे से शरीर में नमी बनी रहती है और गर्मी से राहत मिलती है.

सरसों, बिनौला और सोयाबीन की खली सूखे चारे के अच्छे स्रोत हैं, जो प्रोटीन की कमी पूरी करते हैं.

पहली डाइट सुबह 9 बजे से पहले और दूसरी शाम को दें, ताकि तेज धूप का असर कम पड़े.

एक वयस्क दुधारू पशु को दिन में 3-4 बार 60-80 लीटर तक साफ पानी पिलाना जरूरी है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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