गर्मियों में दूध की कमी का असली कारण अक्सर बीमारी नहीं, बल्कि हरे चारे की कमी होती है. 

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सही समय पर चारे की प्लानिंग कर लेने से न सिर्फ पशु स्वस्थ रहते हैं, बल्कि दूध उत्पादन भी स्थिर बना रहता है. 

विशेषज्ञ मानते हैं कि कुछ खास हरी फसलें गर्मी में पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो सकती हैं.

हरा चारा पशुओं को जरूरी प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स देता है, जिससे उनकी ताकत बनी रहती है. 

लोबिया कम समय में तैयार होने वाली फसल है और गर्मी सहन करने की क्षमता रखती है. 

मक्का और ज्वार दोनों ही फसलें तेजी से बढ़ती हैं और ज्यादा हरा चारा देती हैं. 

नेपियर घास एक बार लगाने के बाद लंबे समय तक बार-बार कटाई के लिए तैयार रहती है. 

जब पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन बना रहता है, तो सीधा फायदा पशुपालकों की कमाई पर पड़ता है. 

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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