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मान्यता है कि इस दौरान प्रकृति, मन और वातावरण-तीनों पर गहरा असर पड़ता है.
इसलिए ग्रहण के समय और उसके बाद किए गए कर्मों को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है.
मान्यता है कि सूर्यग्रहण के बाद किया गया दान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना पुण्य प्रदान करता है.
साल 2026 का पहला सूर्यग्रहण 17 फरवरी को शाम करीब 5:26 बजे शुरू होकर 7:57 बजे तक रहेगा.
यह एक वलयाकार सूर्यग्रहण होगा, जिसमें लगभग 2 मिनट 20 सेकंड तक सूर्य के चारों ओर आग की अंगूठी जैसा दृश्य बनेगा.
यह सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा.
ग्रहण काल में भोजन बनाना, खाना और सोना वर्जित माना गया है क्योंकि उस समय भोजन के दूषित होने की मान्यता है.
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर निकलने और धारदार वस्तुओं के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.