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आज के समय में मुर्गी पालन ग्रामीण युवाओं के लिए कमाई का एक बेहतरीन साधन बनकर उभरा है.
गांवों में तेजी से युवा इस व्यवसाय की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. इसकी वजह बिल्कुल साफ है. कम खर्च और रोजाना होने वाली पक्की आमदनी.
खासकर सर्दियों के मौसम में अंडे और चिकन की मांग बढ़ जाती है, जिससे मुनाफे के मौके और मजबूत हो जाते हैं.
यही कारण है कि नौकरी की तलाश छोड़ अब युवा अपने गांव में रहकर ही आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं.
हालांकि, इस काम में थोड़ी सी लापरवाही पूरी कमाई को नुकसान में बदल सकती है. इसलिए सही जानकारी और देखभाल बेहद जरूरी है.
ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा नुकसान मुर्गियों की सही देखभाल न होने से होता है.
कई बार तापमान गिरने से मुर्गियां बीमार पड़ जाती हैं या मर जाती हैं.
ठंड में मुर्गीघर की दरारें, खिड़की और दरवाजों को अच्छी तरह बंद रखना चाहिए, ताकि ठंडी हवा अंदर न आए.
इसके साथ ही, हवा के निकलने के लिए हल्का वेंटिलेशन जरूरी है. मुर्गियों को पीने के लिए हल्का गुनगुना पानी देना फायदेमंद रहता है.
जमीन पर करीब 15 सेंटीमीटर मोटी सूखी बिछावन, जैसे पुआल या लकड़ी का बुरादा, बिछाना चाहिए ताकि नमी न रहे.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.