टमाटर की फसल में अगर फल सुंदर, साफ और सही आकार का न हो, तो बाजार में कीमत गिरना तय है. 

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ठंड के मौसम में होने वाली छोटी-छोटी गलतियां टमाटर की पूरी फसल खराब कर सकती हैं.

सर्दियों में टमाटर में फल फटना, दाग-धब्बे और आकार छोटा रहना जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ती हैं.

ठंड के दिनों में टमाटर पर दाग-धब्बे और हल्की सड़न का मुख्य कारण ब्लाइट (झुलसा रोग) होता है.

टमाटर में ब्लाइट तीन प्रकार का होता है, अगेती झुलसा, पछेती झुलसा और बैक्टीरियल ब्लाइट.

ज्यादा पानी देना ब्लाइट को न्योता देता है. समय और मात्रा का ध्यान न रखने पर जड़ें और फल दोनों प्रभावित होते हैं.

अगर एक ही खेत में लगातार टमाटर या एक ही तरह की फसल ली जाए, तो मिट्टी में रोग बढ़ जाते हैं.

घना कोहरा, ओस और बारिश के बाद बनी नमी से खेत में फंगस और बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं, जिससे धब्बे बढ़ जाते हैं.

ब्लाइट से बचाव के लिए कॉपर युक्त दवाओं का समय पर छिड़काव करना चाहिए, जिससे रोग का फैलाव रोका जाता है.

बीज बोने से पहले हॉट वॉटर ट्रीटमेंट और फंजीसाइड से बीजोपचार करने से रोग लगने की संभावना कम हो जाती है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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