आज के समय में दूध हर घर की जरूरत बन चुका है. लेकिन लोगों के लिए सबसे बड़ी दिकक्त इसमें मिलावट है. 

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कुछ साधारण उपाय और मशीनों की मदद से आप आसानी से पहचान सकते हैं कि दूध शुद्ध है या उसमें पानी मिला है.

फेटोमिटर जैसी छोटी मशीन से दूध में पानी की मात्रा 10 सेकंड में पता लगाई जा सकती है. यह तरीका सबसे भरोसेमंद है.

भैंस के दूध में 6–8.5% फेट और लगभग 7% SNF शुद्ध माना जाता है. 

यदि 1 लीटर दूध में 200 ग्राम से कम मावा दिखता है तो इसमें पानी मिलाया गया हो सकता है.

ठंडे मौसम में शुद्ध दूध 12 घंटे तक और गर्मी में 6 घंटे तक सुरक्षित रहता है. मिलावटी दूध जल्दी खराब हो जाता है.

कुछ दूध की बूंदें जमीन पर डालें. अगर दूध तुरंत सोख लिया जाए तो समझ जाएं कि इसमें पानी मिला है.

शुद्ध दूध पन्नी या बर्तन से चिपक जाता है, जबकि पानी मिला दूध आसानी से बह जाता है.

शुद्ध दूध में हल्की प्राकृतिक मिठास होती है. यदि दूध पतला या स्वाद में फीका लगे, तो उसमें मिलावट हो सकती है.

शुद्ध दूध का रंग साफ सफेद होता है. मिलावटी दूध का रंग हल्का बदल जाता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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