घी रसोई की जान है. बिना घी के दाल-चावल भी अधूरे लगते हैं. लेकिन आज के समय में सबसे बड़ा खतरा है मिलावट. 

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महंगे दाम पर मिलने वाला घी भी कई बार नकली निकल जाता है, जो स्वाद के साथ सेहत को भी नुकसान पहुंचाता है.

बाजार में मिलने वाला ज्यादातर घी दूध की क्रीम से बनता है, जबकि देहात में असली घी दही से तैयार किया जाता है. 

क्रीम से बना घी 600-1000 रुपये प्रति किलो मिलता है, जबकि दही से बना देसी घी 1200 रुपये तक मिलता है. 

शुद्ध घी की खुशबू तेज और प्राकृतिक होती है. नकली या मिलावटी घी में या तो गंध नहीं होती.

थोड़ा सा घी हथेली पर रखें. अगर कुछ ही देर में वह पिघलने लगे, तो समझिए घी शुद्ध है. 

घी की शुद्धता जांचने के लिए खास मशीनें भी आती हैं, लेकिन ये काफी महंगी होती हैं.

शुद्ध घी खाने में हल्का मीठा और मुलायम लगता है, जबकि नकली घी मुंह में भारी और चिपचिपा महसूस होता है.

असली घी का रंग हल्का पीला या सुनहरा होता है. बहुत ज्यादा सफेद या चमकीला घी अक्सर मिलावटी हो सकता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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