फसल में कीट और रोग से बचाव के लिए दवा जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है सही समय पर स्प्रे करना. 

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अगर समय गलत हुआ, तो महंगी दवाइयां भी असर नहीं दिखातीं और किसान को दोहरी मार झेलनी पड़ती है.

सुबह फसल की पत्तियों पर ओस जमी रहती है. ऐसे में दवा पत्तियों पर टिकने के बजाय पानी के साथ बह जाती है.

सुबह स्प्रे के थोड़ी देर बाद तेज धूप निकल आती है. गर्मी के संपर्क में आते ही कई दवाइयां वाष्प बनकर उड़ जाती हैं.

ज्यादातर कीट सुबह के समय पत्तियों के नीचे या मिट्टी में छिपे होते हैं. ऊपर से किया गया स्प्रे सीधे कीटों तक नहीं पहुंच पाता.

नमी वाली पत्तियों पर तेज दवा डालने से झुलसन हो सकती है. इससे पौधे की बढ़वार रुक जाती है.

ओस और नमी के कारण दवा पत्तियों पर सही तरीके से चिपक नहीं पाती, जिससे दवा का पूरा फायदा नहीं मिल पाता.

शाम के समय हवा कम होती है और नमी संतुलित रहती है. इस समय किया गया स्प्रे ज्यादा असरदार होता है.

शाम को छिड़काव करने से दवा पत्तियों पर लंबे समय तक रहती है, जिससे कम मात्रा में भी बेहतर परिणाम मिलते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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