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इन छोटे मगर चालाक प्राणियों से फसल बचाने के लिए किसानों को जागरूक होना बेहद जरूरी है.
गेहूं में बालियां आने के समय चूहे अधिक सक्रिय हो जाते हैं और पौधों की जड़ों, बालियों और दानों को नुकसान पहुंचाते हैं.
खेत में ताजी खुदी मिट्टी, बिल के आसपास कटी पत्तियां और जड़ों के पास काले दाने दिखाई दें, तो समझें कि चूहे सक्रिय हैं.
पिसी लाल मिर्च, लहसुन का पेस्ट, नीम का तेल और पुदीना मिलाकर घोल बनाकर खेत की मेड़ों पर स्प्रे करें.
जहां बिल दिखाई दें, वहां फिनायल की गोली रखने से चूहों का नियंत्रण किया जा सकता है.
खेत में नियमित सिंचाई करने से चूहों के बिलों में पानी भर जाता है, जिससे उनका आश्रय नष्ट हो जाता है.
सुबह-शाम खेत की मेड़ों पर चक्कर लगाने से चूहों को इंसानी मौजूदगी का आभास होता है और वे खेत में टिकते नहीं.
जरूरत पड़ने पर जिंक फास्फाइड, रेजेंट दानेदार या कटरा फाइट्रा क्लोराइड जैसी दवा का प्रयोग कर सकते हैं.