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किसानों को समय रहते ही बचाव के टिप्स अपना लेना जरूरी है, ताकि पैदावार सुरक्षित रहे.
फेद रतुआ (व्हाइट रस्ट): पत्तियों पर सफेद धब्बे बनते हैं, समय पर न रोकने पर फसल को गंभीर नुकसान.
फेद रतुआ का बचाव: 00-800 ग्राम मैंकोजेब और 250-300 लीटर पानी प्रति एकड़, 15 दिन अंतराल पर 2-3 बार छिड़काव.
माहू कीट: छोटे हरे कीट, फूल और फलियों का रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं.
माहू कीट का बचाव: प्रभावित पौधे तोड़कर नष्ट करें, 2% नीम तेल या उपयुक्त कीटनाशक छिड़कें.
लाही कीट: छोटे भूरे/काले कीट, पौधों का रस चूसते हैं, पत्तियां सिकुड़ती हैं और दाने नहीं बनते.
बचाव: 5-6 पीली स्टिकी ट्रैप प्रति एकड़, 200 मिली क्लोरोपायरीफॉस 20% EC और 200 लीटर पानी छिड़काव.
किसानों को अपनी फसल को रोजाना देखकर शुरुआती लक्षणों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.