सर्दियों में होने वाली हल्की बारिश, जिसे मावठ कहा जाता है, किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होती. 

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यह बारिश रबी फसलों को नई जान भी देती है. खासकर गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए यह बेहद फायदेमंद है.

हल्की सर्दी की बारिश से खेतों की मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे फसलों को लगातार पानी मिलता है.

बारिश मिट्टी में मौजूद नाइट्रोजन जैसे जरूरी पोषक तत्वों को घोल देती है, जिससे पौधे इन्हें आसानी से सोख पाते हैं.

इस मौसम की नमी गेहूं, सरसों, चना और मटर जैसी रबी फसलों के लिए बेहद जरूरी होती है. 

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों की बारिश गेहूं में फुटाव बढ़ाती है, जो सीधे तौर पर उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है.

हल्की बारिश या ओस की बूंदें तापमान को संतुलित रखती हैं, जिससे पाले का खतरा कम हो जाता है.

प्राकृतिक बारिश होने से मोटर पंप और डीजल पर होने वाला खर्च बचता है, जिससे खेती की लागत घटती है.

सही नमी और ठंड के कारण पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और फसल की बढ़वार समान रूप से होती है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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