ट्रैक्टर ठीक नहीं तो खेती का हर काम रुक सकता है, इसलिए सर्विसिंग जरूरी है.

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बिना सर्विसिंग ट्रैक्टर चलाना आगे चलकर ज्यादा खर्च बढ़ाता है. समय पर सर्विसिंग से छोटी खराबी पहले ही पकड़ में आ जाती है.

नया ट्रैक्टर 50–100 घंटे के इस्तेमाल के बाद पहली सर्विस मांगता है. हर 250–300 घंटे पर नियमित सर्विसिंग कराना जरूरी होता है.

खेती का सीजन खत्म होते ही ट्रैक्टर की पूरी जांच करानी चाहिए.

इंजन ऑयल ट्रैक्टर का दिल होता है, इसे समय पर बदलना जरूरी है. खराब ऑयल से इंजन ज्यादा गर्म होता है और घिसाव बढ़ता है.

रेडिएटर और कूलिंग सिस्टम इंजन को सुरक्षित रखते हैं.इसलिए रेडिएटर में पानी या कूलेंट की सही मात्रा जरूरी है.

हाइड्रोलिक ऑयल और पाइप में लीकेज की जांच जरूरी है. अगर यह खराब हुआ तो हल और ट्रॉली काम नहीं करेंगे.

बैटरी टर्मिनल साफ और पानी सही स्तर पर रखें.

हाइड्रोलिक ऑयल और पाइप में लीकेज की जांच जरूरी है. अगर यह खराब हुआ तो हल और ट्रॉली काम नहीं करेंगे.

लापरवाही से ट्रैक्टर बीच खेत में जवाब दे सकता है. ट्रैक्टर की देखभाल करें, ताकि खेती बिना रुकावट चलती रहे.

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