PC: Canva
तरबूज कम पानी में उगने वाली फसल है, इसलिए जायद सीजन के लिए उपयुक्त मानी जाती है.
तरबूज की बुवाई जनवरी–फरवरी में करें, ताकि मार्च के अंत तक फल आना शुरू हो जाए.
तरबूज की फसल लगभग 90 से 100 दिनों में फल देने लगती है.
5.5 से 7 पीएच वाली मिट्टी और तेज धूप तरबूज के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है.
अर्का, ज्योति, पूसा बेदाना और शुगर बेबी जैसी किस्में जल्दी तैयार होती हैं और ज्यादा पैदावार देती हैं.
हर 7 से 10 दिन में सिंचाई जरूरी है, ताकि फल अच्छे आकार के बनें.
हर 15 दिन में दवा का छिड़काव करने से फसल रोग और कीट से सुरक्षित रहती है.
कम सिंचाई और ज्यादा मांग के कारण तरबूज की खेती से अच्छा मुनाफा मिलता है.
समय पर बुवाई और देखभाल से किसान तरबूज की खेती में बंपर उत्पादन ले सकते हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.