200 लीटर से ज्यादा दूध उत्पादन वाले गांवों की बदलेगी तस्वीर, सरकार बनाएगी दुग्ध समितियां
पशुपालकों की आय बढ़ाने और गांवों में दूध उत्पादन मजबूत करने के लिए नई योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है. चयनित गांवों में पशुओं का टीकाकरण, टैगिंग और कृत्रिम गर्भाधान कराया जाएगा. साथ ही लावारिस पशुओं को गोशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे पशुओं की देखभाल और उत्पादन बेहतर हो सके.
खरीफ सीजन से पहले मिट्टी की मुफ्त जांच अभियान, लाखों किसानों को पता चलेगी खेत की सेहत
Soil Health Test: उपनिदेशक कृषि प्रमोद कुमार ने बताया कि इस वर्ष सभी नमूनों की जांच निशुल्क की जा रही है और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी दिए जाएंगे. मृदा स्वास्थ्य कार्ड में खेत की सेहत का लेखाजोखा होगा और उसमें बताया जाएगा कि खेत में क्या कमी है और वह कैसे दूर होगी.
बलरामपुर में 1 लाख संग्राहकों को मिला रोजगार, तेंदूपत्ता योजना बनी आदिवासी परिवारों की बड़ी ताकत
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण योजना ग्रामीण और आदिवासी परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है. हजारों लोग इस काम से जुड़कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. प्रशासन की पहल और बेहतर भुगतान दर से गांवों में उत्साह बढ़ा है और लोगों को आर्थिक मजबूती मिल रही है.
बिहार में बदलेगा गौपालन का तरीका, अब बिना मिट्टी उगेगा चारा और मशीनें रखेंगी गायों पर नजर
बिहार सरकार का डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग गौपालन को आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है. बिना मिट्टी के पौष्टिक चारा उगाने और गायों के खानपान की निगरानी करने वाली तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.