वैज्ञानिक ऐसे बीज पर कर रहे हैं काम.. किसी भी मौसम में होगी बंपर पैदावार.. सिंचाई की कम पड़ेगी जरूरत
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर क्षेत्र के किसानों को बेहतर बीज, सही फसल की जानकारी और आधुनिक कृषि उपकरण आसानी से उपलब्ध कराए जाएं. उन्होंने कहा कि इससे किसान कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर सकेंगे और सुरक्षित व टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलेगा.
केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के खाद सब्सिडी को मंजूरी दी, किसानों को सस्ती दर पर मिलेगी डीएपी-यूरिया
Fertilizer subsidy for Kharif season: केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए पोषक तत्व आधारित खाद सब्सिडी दरों को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही खाद के लिए खर्च होने वाले बजट में भी बढ़ोत्तरी की गई है. सरकार ने अपने फैसले से स्पष्ट कर दिया है कि वह किसानों को कम कीमत पर खाद उपलब्ध कराती रहेगी.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसान सिर्फ अनाज नहीं उगाता, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था, रोजगार और उद्योगों को भी आगे बढ़ाता है. खेती और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक, हर क्षेत्र की नींव किसान की जमीन से जुड़ी होती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब किसान गेहूं उगाता है, तो वह मंडी तक पहुंचता है, फिर आटा मिलों में प्रोसेस होकर बिस्कुट और ब्रेड जैसी फैक्ट्रियों में जाता है.
ट्रैक्टर बिक्री में ऐतिहासिक उछाल: FY26 में पहली बार 10 लाख के पार पहुंचा आंकड़ा, गांवों में मजबूत मांग
ट्रैक्टर बिक्री में यह उछाल ये बताता है कि भारत का ग्रामीण क्षेत्र तेजी से बदल रहा है. अब किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं. ट्रैक्टर अब सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि परिवहन और अन्य कामों में भी उनका उपयोग बढ़ रहा है.
किसान साल में केवल 25 दिन ही करते हैं काम? CM भजनलाल के इस बयान पर क्यों मचा सियासी घमासान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस बयान पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तुरंत माफी की मांग करते हुए कहा कि राज्य के अन्नदाता इस तरह का अपमान सहन नहीं करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने किसानों की कड़ी मेहनत का मजाक उड़ाया है और इसे भाजपा की किसान विरोधी सोच का उदाहरण बताया.
MP सरकार ने NDDB के साथ किया समझौता, अब दूध के अलावा गोबर से भी होगी किसानों की कमाई
Sanchi Dairy: मध्य प्रदेश सरकार ने NDDB के साथ बड़ा समझौता कर डेयरी सेक्टर को नई मजबूती देने की तैयारी की है. इस पहल से दूध उत्पादन, पशुओं की नस्ल सुधार, डिजिटल भुगतान और गोबर से अतिरिक्त कमाई जैसे नए रास्ते खुलेंगे. सबसे बड़ा फायदा सांची और उससे जुड़े पशुपालकों को मिलेगा, जिससे ग्रामीण आय मजबूत होगी.