अब गांव-छोटे शहर बन रहे डेयरी ग्रोथ का केंद्र, ब्रांडेड दूध-दही की बिक्री में भारी उछाल

अब गांव-छोटे शहर बन रहे डेयरी ग्रोथ का केंद्र, ब्रांडेड दूध-दही की बिक्री में भारी उछाल

भारत में डेयरी बाजार तेजी से बदल रहा है, जहां अब छोटे शहर और कस्बे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. बढ़ती आय, शहरीकरण और ब्रांडेड उत्पादों की मांग ने इस सेक्टर को नई दिशा दी है. उपभोक्ता अब सुविधा और गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे डेयरी उद्योग में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है.

Opinion: जंग में भी किसानों के हाथ नहीं होंगे तंग, समय की मांग है परंपरागत खेती

War and Agriculture : कालचक्र ने आज मानव जाति को जिस मुहाने पर ला खड़ा किया है, उसमें कम से कम हमारे कामगारों और किसानों के पास अब मूकदर्शक बन कर इंतजार करने का विकल्प बहुत सीमित हो गया है. इन सीमित रास्तों से निकला दूरगामी संदेश बता रहा है कि हजारों सालों से चली आ रही खेती की सतत परंपराओं पर पुनर्विचार कर इसे आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों से लैस करके खेती को फिर से सततता के क्रम में लाना ही समझदारी है.

ड्रोन, सॉइल हेल्थ और जैविक खाद से बदल रही खेती, जानें पीएम मोदी ने किसान निधि और फसल बीमा पर क्या कहा

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पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसान भाई-बहन देश की अन्न सुरक्षा, पोषण और समृद्धि के आधारस्तंभ हैं. उनके जीवन को अधिक से अधिक आसान बनाने के लिए हमारी सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है. उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना समेत कई योजनाओं का जिक्र किया.

किसान उत्पादक संगठन ने सोलर एनर्जी से बचाए 23 लाख रुपये, 61 फीसदी बिजली जरूरत पूरी होने से खर्च भी घटा 
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महंगी खाद छोड़िए..सिर्फ 5 चीजों से बनाएं पंचगव्य, फसल होगी हरी-भरी और उत्पादन बढ़ेगा

महंगी खाद छोड़िए..सिर्फ 5 चीजों से बनाएं पंचगव्य, फसल होगी हरी-भरी और उत्पादन बढ़ेगा

खेती की बढ़ती लागत के बीच किसान अब प्राकृतिक और सस्ते विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. पंचगव्य ऐसा ही एक जैविक उर्वरक है, जो फसलों को पोषण देने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है. इसके नियमित उपयोग से उत्पादन बेहतर हो सकता है और खेती का खर्च भी कम किया जा सकता है.

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बकरी पालन से किसानों की बढ़ी कमाई, नई नस्ल बन रही मुनाफे का मजबूत जरिया

बकरी पालन से किसानों की बढ़ी कमाई, नई नस्ल बन रही मुनाफे का मजबूत जरिया

पशुपालन के क्षेत्र में बकरी की एक नई नस्ल किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन रही है. ये नस्ल कम लागत में अधिक उत्पादन देती है और दूध व मांस दोनों से आय बढ़ाने में मदद करती है. इसकी तेज वृद्धि और बेहतर क्षमता इसे खास बनाती है.