Egg Price Fall: ईरान-इजरायल के बीच जारी जंग का असर अब तेलंगाना के पोल्ट्री उद्योग पर पड़ रहा है. इसके चलते खाड़ी देशों में तेलंगाना से अंडे का निर्यात प्रभावित हुआ है, जिससे कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है. अभी अंडे का भाव गिरकर करीब 4.20 रुपये प्रति पीस रह गया है. ऐसे में अंडा किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं. हालांकि, चिकन महंगा हो रहा है. अभी यह 335 रुपये किलो बिक रहा है. अंडा व्यापारियों का कहना है कि अगर इसी तरह खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति बनी रही, तो अंडे की कीमतों में और कमी आ सकती है.
तेलंगाना का पोल्ट्री उद्योग इस समय दोहरी मार झेल रहा है. एक तरफ अंडे की कीमतों में गिरावट आई है तो वहीं चिकन महंगा हो गया है. अभी एक किलो किचन की कीमत 335 रुपये हो गई है. तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, डेक्कन क्षेत्र के सूखे मौसम के कारण चिकन की कीमतों में बढ़ोतरी आई है.
मार्च महीने में क्या था अंडे का भाव
18 फरवरी को हैदराबाद में 100 अंडों की कीमत 520 रुपये थी. यानी तब होलसेल में अंडा प्रति पीस 4.20 रुपये बिक रहा था. लेकिन एक महीने बाद 18 मार्च को अंडे की कीमतें घटकर 420 रुपये प्रति 100 पीस हो गईं. इसका मतलब यह हुआ कि अब होलसेल में एक अंडे की कीमत 4.20 रुपये हो गई है. नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के अनुसार, 28 फरवरी से युद्ध शुरू होते ही अंडे की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई. 28 मार्च को 100 अंडों की कीमत 470 रुपये थी, जो 1 मार्च को 450 रुपये और 5 मार्च तक घटकर 420 रुपये हो गई. तब से यही कीमत बनी हुई है.
एक महीने में इतनी कम हो गईं कीमतें
बात अगर रिटेल मार्केट की करें तो फरवरी महीने के पहले हफ्ते तक तेलंगाना में एक अंडा 7.50 से 8 रुपये में बिक रहा था, जो अब घटकर करीब 5 रुपये रह गया है. वहीं थोक बाजार में भी कीमत पहले 4.50 रुपये थी, जो अब 4 रुपये प्रति अंडा हो गई है. ऐसे में किसान लागत नहीं निकाल पा रहे हैं. किसानों का कहना है कि उनकी लागत करीब 5.20 रुपये प्रति अंडा है. यानी 100 अंडों की उत्पादन लागत 520 रुपये हुई. पर किसानों को 4 रुपये प्रति अंडा ही भाव मिल रहा है, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है.
तेलंगाना 10 फीसदी करता है अंडा उत्पादन
तेलंगाना में रोजाना करीब 3.5 से 3.7 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 10 फीसदी है. इसमें से आधे अंडे राज्य में ही खपत हो जाते हैं, जबकि बाकी दूसरे राज्यों में भेजे जाते हैं. अधिकारियों के मुताबिक, तमिलनाडु के नमक्कल से अंडों का निर्यात पश्चिम एशिया देशों में होता है. लेकिन ईरान- रजरायल युद्ध के कारण निर्यात पर असर पड़ा है, जिससे वहां के किसान सस्ते दाम पर अंडे बेच रहे हैं. इसका असर तेलंगाना के अंडों की कीमतों पर भी पड़ा है और दाम गिर गए हैं.
पोल्ट्री सप्लाई पर पड़ा असर
वहीं दूसरी ओर, राज्य में चिकन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. हैदराबाद में बिना चमड़ी वाला चिकन 320 से 335 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि देसी चिकन 750 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. पिछले महीने यही चिकन 175 से 200 रुपये प्रति किलो था. चिकन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह पोल्ट्री सप्लाई में कमी और मौसम का असर है. गर्मी के कारण पक्षियों पर असर पड़ रहा है और उनकी मौत भी हो रही है.
गर्मी से मुर्गियों का वजन प्रभावित
तेलंगाना पोल्ट्री फेडरेशन के अनुसार, ब्रॉयलर मुर्गियां मौसम के बदलाव को ज्यादा सहन नहीं कर पातीं. गर्मियों में वे कम खाना खाती हैं और उनका वजन सिर्फ 1.5 से 1.75 किलो तक ही पहुंच पाता है, जबकि सर्दियों में यही वजन 2 से 2.5 किलो होता है. पक्षियों की मौत और कम सप्लाई की वजह से ही चिकन की कीमत करीब 320 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है.