केंद्र सरकार नैनो-उर्वरकों को तीन साल की बजाय स्थायी मंजूरी देने की योजना बना रही है. ICAR ने देशभर में इसके प्रभाव की जांच की है. विशेषज्ञों के अनुसार उत्पाद फायदेमंद है, लेकिन जबरदस्ती लागू करने पर शिकायतें बढ़ती हैं.
विपक्षी नेता ने कहा कि बेमौसम बारिश से 28 जिले प्रभावित हुए हैं. हालांकि सरकार ने 31,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन किसानों को वादे से बहुत कम राशि मिली है. उन्होंने आरोप लगाया कि सूखा प्रभावित किसानों को 18,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्हें केवल लगभग 8,500 रुपये ही मिले.
Natural Farming : बिहार में खेती का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. किसान रासायनिक खाद छोड़कर प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं. गोबर और देसी तरीकों से उगाई जा रही फसलें सेहतमंद हैं. सरकारी सहयोग और बढ़ती जागरूकता से हजारों किसान इससे जुड़कर खेती को टिकाऊ और लाभकारी बना रहे हैं.
प्रबंध निदेशक केजे पटेल ने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाला कच्चा माल हासिल करना चुनौती बनता जा रहा है. इसके लिए या तो अधिक भुगतान करना होगा या अधिक वित्तीय बोझ उठाना होगा. एक बेहतर विकल्प के रूप में उन देशों में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करना है, जहां ये संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं.
खरपतवार नियंत्रण के लिए सबसे सही समय बोआई के 30-35 दिन बाद होता है. पहली सिंचाई के बाद सल्फोसल्फयुरॉन 33 ग्राम और मेटसल्फयुरॉन 20 ग्राम प्रति हेक्टेयर को 500 लीटर पानी में मिलाकर फसल पर छिड़काव करें.
अगस्त 2025 की बाढ़ से कपूरथला जिले में हजारों एकड़ धान और गेहूं की फसल बर्बाद हुई. सुल्तानपुर लोधी के किसानों की खेती प्रभावित रही. राहत के लिए 2,400 बोरी गेहूं के बीज और यूरिया दान मिल रहा है. कई संगठन मदद के लिए आगे आए हैं.