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डिजिटल ट्रैकिंग से नकली बीज-खाद पर लगेगी लगाम, डाक विभाग के जरिए सैंपल जांच होगी पारदर्शी
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और भारतीय डाक के बीच हुए इस समझौते का मकसद है कि बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के नमूने जहां से लिए जाएं, वहां से लेकर जांच प्रयोगशाला तक उनकी हर गतिविधि दर्ज हो. यह पूरी व्यवस्था फेसलेस होगी, यानी मानवीय दखल कम होगा और डिजिटल ट्रैकिंग ज्यादा.
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LIVE 1995 के पुराने केस में सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार, बोले– “नहीं पता आगे मेरे साथ क्या होगा”
Agriculture News in Hindi: देश के कई राज्यों में कोहरे का दौर आज भी जारी रहेगा, जबकि कुछ इलाकों में बूंदाबांदी की संभावना है. हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 17°C और न्यूनतम 10°C के आसपास रहने का अनुमान है. आज दिनभर की कृषि समाचार (Krashi Samachar) अपडेट्स आपको यहां मिलेंगे.
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गेहूं की फसल में दूसरी सिंचाई और यूरिया का सही समय जान लें, दाना और पैदावार बढ़िया होगी
गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए सही समय पर सिंचाई और यूरिया का प्रयोग बहुत जरूरी होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, दूसरी सिंचाई के कुछ दिन बाद यूरिया देने से फसल की बढ़वार तेज होती है. सही देखभाल से किसान बेहतर उत्पादन और मुनाफा पा सकते हैं.
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Gardening Tips: इस खाद से गमलों के पौधे फिर होंगे हरे-भरे, पत्तियों की पीलापन समस्या होगी दूर
गमलों के पौधों की धीमी बढ़वार और पत्तियों के पीलेपन की समस्या को दूर करने के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट मिक्सचर खाद एक आसान समाधान बन रही है. यह खाद पौधों को जरूरी पोषण देकर उन्हें जल्दी हरा-भरा और मजबूत बनाने में मदद करती है. इससे गार्डन के पौधे स्वस्थ दिखते हैं और फूल भी ज्यादा खिलते.
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बदलते मौसम में आलू, गेहूं, सरसों और चना किसानों के लिए एडवाइजरी, ये सावधानियां फसल को नुकसान से बचाएंगी
Weather Conditions for Crops: कृषि उपनिदेशक डॉ. खुमान सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को बचाने के लिए रसायनों का उचित छिड़काव करें. उन्होंने चना, गेहूं और सरसों किसानों को कीट-रोगों से फसल बचाने की सलाह दी है. जबकि, मौसम में बदलाव को देखते हुए फसल बचाने के लिए कुछ उपाय भी बताए हैं.
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सरसों की फसल पर माहू कीट का खतरा बढ़ा, समय रहते जानें बचाव के आसान उपाय
सरसों की फसल पर माहू कीट का खतरा किसानों की चिंता बढ़ा रहा है. यह कीट फूलों का रस चूसकर उत्पादन कम कर देता है. विशेषज्ञ समय पर कीटनाशक या जैविक उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं, ताकि फसल सुरक्षित रहे और पैदावार प्रभावित न हो सके.








