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Indigenous Cows: हर मौसम में फिट और बीमारियों से दूर, देशी गायें किसानों के लिए क्यों बन रही पहली पसंद
भारत की देशी गायें अपनी मजबूती, कम देखभाल और बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जानी जाती हैं. ये हर मौसम में आसानी से ढल जाती हैं और जैविक खेती में भी अहम भूमिका निभाती हैं. यही कारण है कि किसान इन्हें एक भरोसेमंद और उपयोगी पशु के रूप में अपना रहे हैं.
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डेयरी शुरू करने से पहले जान लें ये आसान तरीका, नहीं खाएंगे धोखा और मिलेगी अच्छी दूध वाली भैंस
भैंस खरीदते समय सही पहचान बेहद जरूरी है. पतली चमड़ी, फैला हुआ थन और साफ नसों वाली भैंस ज्यादा दूध देती है. अगर बिना जानकारी के पशु खरीदा जाए तो नुकसान हो सकता है. इसलिए सही तरीके से जांच कर ही भैंस खरीदें, जिससे डेयरी का काम सफल और फायदेमंद बन सके.
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पशुओं के प्रसव में छोटी गलती पड़ सकती है भारी, सुरक्षित प्रसव के आसान नियम हर पशुपालक जरूर जानें
पशुओं के प्रसव के समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान कर सकती है. सही जगह, साफ-सफाई और समय पर देखभाल बेहद जरूरी होती है. अगर पशुपालक कुछ आसान नियमों का पालन करें, तो मां और बच्चे दोनों सुरक्षित रह सकते हैं और प्रसव बिना किसी परेशानी के पूरा हो सकता है.
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राजस्थान की नंदीशाला में अचानक पशु की मौत से हड़कंप, 65 मवेशियों पर गंभीर खतरा.. शिफ्टिंग में जुटा प्रशासन
राजस्थान की एक नंदीशाला में खराब हालात के चलते एक बीमार पशु की मौत हो गई और 65 पशु अब भी शिफ्टिंग का इंतजार कर रहे हैं. गंदगी, गीला चारा और देखभाल की कमी से हालात बिगड़े हैं. वहीं राज्य में पशुओं में फैल रही बीमारियों ने चिंता और बढ़ा दी है.
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मुर्गियों में तेजी से फैल रही गंबोरो बीमारी, सफेद दस्त और कमजोरी दिखते ही तुरंत करें इलाज
मुर्गियों में फैल रही गंबोरो बीमारी किसानों के लिए बड़ी चिंता बन रही है. यह बीमारी तेजी से फैलती है और समय पर ध्यान न देने पर नुकसान बढ़ा सकती है. सही समय पर लक्षण पहचानना, नियमित टीकाकरण और साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, जिससे पोल्ट्री फार्म को सुरक्षित रखा जा सकता है.
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2 करोड़ के सोलर प्रोजेक्ट से रोज तैयार होगी 1500 यूनिट बिजली, गौशाला बनेगी पूरी तरह आत्मनिर्भर
मध्य प्रदेश की एक गौशाला में सोलर और बायो-सीएनजी का अनोखा मॉडल तैयार हो रहा है. 400 किलोवॉट सोलर प्लांट से बिजली बनाकर खर्च कम किया जाएगा. इससे हर महीने लाखों रुपये की बचत होगी और गौशाला आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगी. यह मॉडल पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है.








