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भीषण गर्मी में भी नहीं रुकेगा दूध उत्पादन, ये देसी गायें कम चारे में भी देती हैं भरपूर दूध
गर्मी बढ़ने के साथ पशुपालकों की चिंता भी बढ़ जाती है, लेकिन कुछ देसी गायों की नस्लें कठिन मौसम में भी अच्छा प्रदर्शन करती हैं. ये नस्लें कम संसाधनों में भी बेहतर दूध उत्पादन देने के लिए जानी जाती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम में इनका महत्व लगातार बढ़ रहा है.
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कम खर्च में शुरू करें मछली पालन, सरकार दे रही 50 फीसदी अनुदान और सस्ती दरों पर बीज
मछली पालन शुरू करने की योजना बना रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है. सरकार की अनुदान योजना के तहत कम लागत में गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध कराया जाएगा. इससे किसानों को उत्पादन बढ़ाने, खर्च कम करने और अतिरिक्त आय कमाने का अवसर मिलेगा. मानसून का मौसम इस काम के लिए उपयुक्त माना जाता है.
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धान की खेती में अजोला का कमाल, 25-30 फीसदी तक घटेगा खाद खर्च और बढ़ेगा उत्पादन
धान की खेती में अजोला किसानों के लिए एक उपयोगी और कम खर्च वाला विकल्प बनकर उभर रहा है. यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, रासायनिक खाद की जरूरत घटाने और फसल की बेहतर बढ़वार में मदद करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसका उपयोग खेती को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बना सकता है.
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अंडे बेचकर 60 हजार महीना कमा रहे राजौरी के एहतेशाम, पहले घर चलाने के लिए लेना पड़ता था कर्ज
Poultry Farmer Ehtesham Success Story: एहतेशाम ने बताया कि केंद्रीय योजना के तहत मुर्गी पालन शुरू किया है और अंडे बेच रहे हैं. इससे उन्हें बढ़िया कमाई हो रही है और वह 5 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.
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देश के 5 राज्यों का अंडा उत्पादन में दबदबा, 64 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी ने सबको चौंकाया
भारत में अंडा उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और कुछ राज्यों ने इस क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है. इन राज्यों की मजबूत भागीदारी से पोल्ट्री उद्योग को नई गति मिली है. इससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ देश की पोषण सुरक्षा भी मजबूत हो रही है. आने वाले समय में और वृद्धि की उम्मीद है.
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गर्मी शुरू होते ही बदलें बकरियों की देखभाल का तरीका, कहीं बीमारी से घट न जाए दूध और मुनाफा
गर्मी के मौसम में बकरियों को तेज धूप, डिहाइड्रेशन और बीमारियों से बचाने के लिए विशेष देखभाल जरूरी होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, साफ पानी, छायादार जगह, संतुलित आहार और साफ-सफाई का ध्यान रखने से बकरियां स्वस्थ रहती हैं. सही देखभाल से दूध और मांस उत्पादन बेहतर होता है और पशुपालकों को अधिक लाभ मिलता है.








