-
मुर्गी फार्म में ऐसे फैलती हैं खतरनाक बीमारियां, बिहार सरकार ने पोल्ट्री किसानों को दी चेतावनी
बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने पोल्ट्री फार्म में फैलने वाली बीमारियों को लेकर अहम जानकारी दी है. विभाग के अनुसार हाथ, जूते, कपड़े, मक्खी-मच्छर और संक्रमित मुर्गियों के जरिए कीटाणु फैल सकते हैं. इसलिए साफ-सफाई और सावधानी अपनाकर मुर्गियों को बीमारियों से बचाया जा सकता है.
-
दुधारू गाय-भैंस खरीदने से पहले देखें दांत.. थन और आंखों की पहचान, सही पशु चुनकर बढ़ाएं दूध उत्पादन और मुनाफा
दुधारू गाय-भैंस खरीदते समय सही पहचान बहुत जरूरी है. केवल दिखावे या कम कीमत देखकर पशु खरीदना नुकसान दे सकता है. दांत, थन, आंख और शरीर देखकर अच्छा पशु चुना जा सकता है. सही पशु ज्यादा दूध देता है और कम बीमार पड़ता है, जिससे डेयरी का काम मुनाफे वाला बन सकता है.
-
उत्तराखंड बजट में पशुपालन योजनाओं के लिए 42 करोड़ रुपये का ऐलान, दूध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर
उत्तराखंड सरकार ने बजट 2026-27 में पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 42.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. सरकार का उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. इस राशि से पशुपालकों को प्रोत्साहन दिया जाएगा और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलेगी.
-
अब मंडी जाने की जरूरत नहीं, शहर में खुलेंगे फ्रेश कैच आउटलेट जहां मिलेगी ताजी मछली
बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने लोगों को ताजी मछली उपलब्ध कराने के लिए फ्रेश कैच आउटलेट खोलने की पहल की है. इन आउटलेट से ग्राहकों को सीधे ताजी मछली मिलेगी और मछली पालकों को अपनी उपज बेचने के लिए नया बाजार भी मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है.
-
एक ही शेड में गाय, भैंस और बकरी पालन से बढ़ी किसानों की कमाई, कम खर्च में मिला दोगुना फायदा
अब किसान कम खर्च में ज्यादा कमाई के लिए एकीकृत पशुपालन मॉडल अपना रहे हैं. इसमें एक ही शेड में गाय, भैंस और बकरी पालन किया जाता है. इससे दूध से रोजाना आय मिलती है और बकरी के बच्चों की बिक्री से अतिरिक्त कमाई होती है, जिससे किसानों की कुल आय बढ़ने लगती है.
-
दूध की क्वालिटी बढ़ाने के लिए शेड में इस बात का जरूर ध्यान रखें किसान, पढ़ें पशुपालन विभाग के टिप्स
पशुपालन और डेयरी विभाग ने पशुपालकों को साफ और सुरक्षित दूध उत्पादन के लिए जरूरी सलाह दी है. विभाग के अनुसार दूध निकालने वाली जगह को कीचड़ और गोबर से मुक्त रखना चाहिए. साफ-सफाई रखने से दूध में बैक्टीरिया कम होते हैं, जिससे दूध की गुणवत्ता बेहतर रहती है और पशुपालकों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ती है.








