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MP में MSP से कम रेट पर गेहूं बेचने को मजबूर हुए किसान, इस वजह से नहीं मिल रहा भाव
किसानों के मुताबिक खरीद की रफ्तार भी काफी धीमी है. मजदूरों की कमी और तौल क्षमता घटने से परेशानी बढ़ रही है. जहां रोज करीब 50 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तौल होनी चाहिए, वहां फिलहाल केवल लगभग 30 ट्रॉलियों की ही तौल हो पा रही है. किसानों का कहना है कि मजदूरों की कमी और भंडारण प्रबंधन की खराब व्यवस्था इसकी बड़ी वजह है.
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पश्चिम बंगाल के चावल उद्योग ने सरकार के सामने रखीं बड़ी मांगें, निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर
पश्चिम बंगाल की कई पारंपरिक चावल किस्में देश और विदेश में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. गोबिंदो भोग और तुलई पांजी जैसी किस्मों को विशेष पहचान मिल चुकी है. इन दोनों को भौगोलिक संकेतक टैग भी प्राप्त है. उद्योग का कहना है कि अगर सरकार इन खास किस्मों की ब्रांडिंग और प्रचार पर ध्यान दे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में बंगाल के चावल की पहचान और मजबूत हो सकती है.
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खाड़ी देशों में आम निर्यात प्रभावित, फिर भी किसानों को बंपर कमाई की उम्मीद.. प्रशासन की जबरदस्त तैयारी
आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में इस बार आम किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है. बंगनपल्ली आम की मांग बढ़ी है, जबकि तोतापुरी किसानों को राहत देने के लिए प्रशासन सक्रिय है. मैंगो पल्प स्टॉक पहले ही बिक चुका है और प्रोसेसिंग यूनिट्स समय पर शुरू होने जा रही हैं.
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सांची डेयरी 21 मई से किसानों को दूध का भाव बढ़ाकर देगी, ग्राहकों के लिए 3 रुपये दाम महंगा किया
Milk Price Hike: मध्य प्रदेश सहकारी दुग्ध संघ सांची नाम से दूध और दूध उत्पादों की बिक्री करता है. सांची दूध के पैकेट की कीमतों में 2 रुपये से लेकर 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोत्तरी की गई है. वहीं, किसानों से दूध खरीद के बाद भुगतान राशि को भी बढ़ाने की घोषणा की गई है.
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60 हजार लगाकर किसान ने कमाए 2 लाख रुपये, इस फूल की खेती आपको भी बना देगी करोड़पति
किसान रामसहाय ने कहा कि उन्होंने केवल 0.2 हेक्टेयर जमीन पर गेंदा फूल की खेती शुरू की. उद्यान विभाग की मदद से उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से फूलों की खेती की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि सही जानकारी और सरकारी योजनाएं कम जमीन में भी किसान को ज्यादा कमाई करा सकती हैं और आत्मनिर्भर बना सकती हैं.
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सब्जियों के रेट में गिरावट, 24 घंटे में 52 फीसदी कम हो गई कीमत.. व्यापारियों को नुकसान
भुवनेश्वर में ईंधन सप्लाई बाधित होने से सब्जियों की ढुलाई प्रभावित हुई और थोक दामों में करीब 52 फीसदी तक गिरावट दर्ज हुई. यूनिट-1 बाजार में माल की आपूर्ति रुकने से व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ. ट्रांसपोर्ट संकट और कम खरीदारी के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई, हालांकि कुछ बाजारों में फिलहाल बड़ा असर नहीं दिखा.








