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ईरान-इजरायल जंग से आम निर्यात पर लगा ब्रेक, किसानों की कमाई होगी प्रभावित.. गिर सकती हैं कीमतें
ईरान-इजरायल तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से आंध्र प्रदेश के चित्तूर आम पल्प निर्यात पर संकट गहरा गया है. करीब 1,000 करोड़ रुपये का पल्प शिपमेंट के लिए तैयार है, लेकिन समुद्री मार्ग बाधित हैं. इससे तोतोपुरी आम किसानों, सप्लाई चेन और विदेशी निर्यात समझौतों पर असर पड़ने का खतरा है.
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ब्राजील की ज्यादा सप्लाई से गिरी दुनिया में चीनी की कीमतें, जानिए भारत का हाल
रिपोर्ट में बताया गया है कि चीनी वर्ष 2025-26 में दुनिया भर में चीनी का कुल उत्पादन लगभग 189.3 मिलियन मीट्रिक टन रहने का अनुमान है. यह पिछले साल की तुलना में करीब 5 प्रतिशत ज्यादा है. दूसरी ओर दुनिया में चीनी की खपत लगभग 178.1 मिलियन मीट्रिक टन रहने की संभावना है.
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16 मार्च से शुरू हो सकती है तंबाकू खरीदी, केंद्रीय मंत्री का ऐलान..190 देशों के राजदूतों को भेजा जाएगा पत्र
कर्नाटक में 16 मार्च से तंबाकू की खरीद दोबारा शुरू होने की उम्मीद है. कीमतें 320 से घटकर 250 रुपये प्रति किलो होने से किसानों को नुकसान हुआ. केंद्र सरकार कंपनियों से बातचीत कर रही है और 190 देशों को पत्र भेजकर भारतीय तंबाकू खरीदने के लिए आमंत्रित करने की तैयारी कर रही है.
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आलू के रेट में गिरावट, 3 रुपये किलो बेचने को मजबूर हुए किसान.. कब शुरू होगी MSP पर खरीदी?
पश्चिम बंगाल में आलू की बंपर पैदावार के कारण कीमतें गिरकर 3.50- 4 रुपये प्रति किलो रह गई हैं, जबकि लागत करीब 7.50 रुपये है. किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. सरकार ने खरीद की घोषणा की है, लेकिन व्यवस्था ठीक से शुरू नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है.
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ईरान संकट से चाय उद्योग परेशान, निर्यात घटने से ऑर्थोडॉक्स चाय उत्पादन कम करने की तैयारी
भारतीय चाय उद्योग में ऑर्थोडॉक्स चाय एक खास किस्म की चाय होती है, जिसकी मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा रहती है. खासकर खाड़ी देशों में इसकी खपत अधिक है. लेकिन जब निर्यात के ऑर्डर कम होने लगे हैं, तो चाय उत्पादकों को उत्पादन को लेकर दोबारा रणनीति बनानी पड़ रही है.
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असम का खुशबूदार जोहा चावल अब यूरोप की थाली में, पहली बार ब्रिटेन और इटली भेजी गई बड़ी खेप
जोहा चावल असम की एक पारंपरिक और बेहद सुगंधित किस्म है. इसकी खुशबू और स्वाद इसे सामान्य चावल से अलग बनाते हैं. यही कारण है कि इसे घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी प्रीमियम उत्पाद माना जाता है. इस चावल को वर्ष 2017 में भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिला था.








