-
पंजाब से सस्ता आलू हरियाणा की मंडियों में, गिरकर 250 रुपये क्विंटल हुआ रेट.. जानें यूपी, बिहार का हाल
उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में आलू के रेट बिहार के मुकाबले कम हैं, जबकि हरियाणा और पंजाब में 500 रुपये क्विंटल से भी कम है. किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार को आलू की एमएसपी पर खरीदी करनी चाहिए, ताकि किसानों को घाटे से बचाया जा सके.
-
पूरी दुनिया में बढ़ी कपास की मांग, CCI ने कीमतों में की 300 रुपये की बढ़ोतरी.. किसानों को होगा फायदा?
भारत में कपास की कीमतें मजबूत मांग, वैश्विक तेजी और कमजोर रुपये के कारण लगातार बढ़ रही हैं. CCI ने भी दाम बढ़ाए हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और आयात महंगा होने से घरेलू बाजार को सहारा मिला है, वहीं निर्यात मांग बढ़ने से भविष्य में कीमतों में और उछाल संभव है.
-
धान की तरह होती है मखाने की खेती, आसानी से उगा सकते हैं किसान.. 5 महीने में फसल तैयार
मखाने की खेती सिर्फ मिथिलांचल तक सीमित नहीं है. राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा के प्रधान वैज्ञानिक और प्रभारी डॉ. इंदु शेखर सिंह ने किसान इंडिया से कहा कि धान उगाने वाले राज्य में किसान आसानी से मखाना उगा सकते हैं. नर्सरी नवंबर में तैयार करें. फरवरी से बुवाई शुरू हो जाती है.
-
1 अप्रैल तक बंद रहेगी एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी, नहीं होगी कोई नीलामी.. ये है वजह
महाराष्ट्र के लासलगांव APMC में 1 अप्रैल तक प्याज की नीलामी बंद रहेगी. छुट्टियां और वित्तीय वर्ष के अंत के प्रशासनिक काम कारण हैं. ऐसे बुधवार को लेट खरीफ प्याज का औसत थोक भाव 900 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जिसमें न्यूनतम 300 और अधिकतम 1,080 रुपये प्रति क्विंटल था.
-
बारिश से गेहूं की 20 फीसदी फसल चौपट, मुआवजे पर सीएम योगी के फैसले से 2 करोड़ किसानों की टेंशन दूर
Wheat Crop Loss Compensation: असमय बारिश और तेज हवा के चलते गेहूं फसल गिरने (लॉजिंग) से नुकसान पहुंचा है. दानों में नमी बढ़ने की समस्या देखी जा रही है, जिससे उत्पादन और क्वालिटी दोनों प्रभावित हुए हैं. कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि मौसम बदलाव से गेहूं की फसल में 20 फीसदी तक नुकसान देखा जा रहा है. सीएम योगी ने मुआवजा देने का ऐलान किया है.
-
बंदरगाहों पर फंसा बासमती, व्यापारियों के हजारों करोड़ अटके, किसानों पर भी असर तय
ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के महासचिव अजय भालोटिया ने किसान इंडिया को बताया कि अगर यह स्थिति ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. भुगतान अटकने से न केवल नए ऑर्डर प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि पुराने सौदों को भी पूरा करना मुश्किल हो रहा है.








