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मॉनसून की धीमी शुरुआत बढ़ा रही चिंता, कम बारिश से खरीफ फसल पर बढ़ा खतरा
IMD Weather Update: इस साल जून में देशभर में सामान्य से करीब 40 फीसदी कम बारिश हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन महीनों में भी बारिश में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद कम है. इसका असर खरीफ फसलों की बुवाई, किसानों की तैयारी और खाद की मांग पर पड़ सकता है.
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अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ पीड़ितों से मिले Shivraj Singh Chouhan, किसानों के लिए किए कई बड़े ऐलान!
शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर किसानों को बड़ी राहत देते हुए एक नहीं बल्कि कई बड़े ऐलान किए हैं, अरुणाचल प्रदेश में आई बाढ़ से पीड़ित किसानों और जनता से मिलने के बाद शिवराज चौहान ने उन्हें बड़ी राहत का वादा किया है., इस वीडियो में देखिए बाढ़ प्रभावित अरुणाचल प्रदेश का हाल, जहां केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ हवाई सर्वेक्षण और जमीनी दौरा किया..
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क्या आने वाला है 70 साल का सबसे ताकतवर सुपर अल नीनो? सूखा, बाढ़ और हीटवेव का बढ़ सकता है कहर
Super El Nino 2026: दुनिया में सुपर अल नीनो का खतरा बढ़ता दिख रहा है. ऑस्ट्रेलिया की मौसम एजेंसी के अनुसार प्रशांत महासागर तेजी से गर्म हो रहा है, जिससे आने वाले महीनों में सूखा, हीटवेव, बाढ़ और भारी बारिश जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं.
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असम में बाढ़ का कहर.. 6 जिलों में 221 गांव जलमग्न, फसलें डूबीं और 46 हजार लोगों पर गंभीर संकट
Assam Flood 221 Villages Submerged: राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि 6 जिलों के 221 गांव पानी में डूब गए हैं. दर्जनों घर ढह गए हैं. धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 45,841 लोग बाढ़ से पीड़ित हैं.
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अलर्ट जारी, 23 राज्यों में आंधी के साथ होगी भारी बारिश.. जानें जिलावार मौसम का हाल
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में 75 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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जुलाई में कम बारिश के पूर्वानुमान ने बढ़ाई धड़कनें, खेती के लिए घातक साबित होगी सूखे की स्थिति
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि जुलाई के दौरान भारत में मासिक औसत बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद है. पहले ही जून में औसत से 43 फीसदी कम बारिश ने धान बुवाई में देरी की वजह बनी है. अब जुलाई में कम बारिश के अनुमान ने कृषि उत्पादन पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है.








