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अब गायों की हर गतिविधि पर नजर, बिहार में शुरू हुई आधुनिक सेंसर आधारित गौपालन व्यवस्था
बिहार सरकार पशुपालकों को आधुनिक गौपालन तकनीकों के प्रति जागरूक कर रही है, जिससे डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाया जा सके. नई तकनीकों के उपयोग से पशुओं की सेहत पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी. इससे किसानों की आय में सुधार और पशुपालन अधिक लाभकारी बनने की उम्मीद है.
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किसानों को खाद-बीज देने में ढिलाई करने वाले अफसरों का वेतन रोकने के निर्देश, कृषि मंत्री खफा
fertilizers and seeds stocks: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों के हित में संचालित योजनाओं की प्रगति, खाद-बीज की उपलब्धता, फसल बीमा, सिंचाई व्यवस्था और आगामी खरीफ-2026 सीजन की तैयारियों पर निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जो बीज नहीं हैं उन्हें दूसरे राज्यों से मंगाएं अधिकारी.
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एमओपी और एनपीके खाद 33 फीसदी महंगी हुई? 1425 वाली बोरी 1750 रुपये में बिकने का दावा
NPK fertilizers price : अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा कि एनपीके और एमओपी खाद की कीमतों में 22 से 33 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. कहा गया है कि बड़े व्यापारी और निजी डीलर जमाखोरी और कालाबाजारी में लिप्त हैं, जिससे किसानों को खाद ऊंची कीमतों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
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200 लीटर से ज्यादा दूध उत्पादन वाले गांवों की बदलेगी तस्वीर, सरकार बनाएगी दुग्ध समितियां
पशुपालकों की आय बढ़ाने और गांवों में दूध उत्पादन मजबूत करने के लिए नई योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है. चयनित गांवों में पशुओं का टीकाकरण, टैगिंग और कृत्रिम गर्भाधान कराया जाएगा. साथ ही लावारिस पशुओं को गोशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे पशुओं की देखभाल और उत्पादन बेहतर हो सके.
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आदिवासियों को गाय-भैंस देगी सरकार, 3100 रुपये धान मूल्य दिया.. कमाई 6 गुना करने का प्लान
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर के जिलों में डेयरी स्थापित की जाएंगी और यहां तक हर आदिवासी महिला अपने पशुओं का दूध पहुंचा सकेंगी. हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देने वाले हैं जिनके माध्यम से सहकारिता के तरीके से वह दूध की पूरे भारत में मार्केटिंग कर पाएंगे.
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किसानों से 2.5 लाख लीटर दूध रोज खरीदेगी मधुर डेयरी, 128 करोड़ की लागत वाली डेयरी शुरू
Madhur Dairy : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मधुर डेयरी के इस नए प्लांट के शुरू होने से किसानों को उनके दूध का बेहतर और लाभकारी मूल्य मिलेगा, जबकि उपभोक्ताओं को बढ़िया क्वालिटी वाले दूध और अन्य डेयरी उत्पाद मिल सकेंगे.








