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सहकार से समृद्धि का नारा टेक्नोलॉजी अपनाकर ही जमीन पर उतर पाएगा, सहकारी समितियों को टेक फ्रेंडली होना होगा
उभरती टेक्नोलॉजी वैश्विक बाजार को नया आकार दे रही हैं. भारतीय सहकारी समितियां अब पीछे नहीं रह सकतीं. उन्हें मॉडर्न टेक्नोलॉजी को और नवीन व्यावसायिक मॉडल अपनाने होंगे. यह उन्हें समावेशी विकास का इंजन बनाएगा क्योंकि हम 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखते हैं.
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Amul की तरह सहकारिता मॉडल पर काम करेगी ‘भारत टैक्सी’.. ग्राहकों के साथ चालक को भी फायदा
भारत टैक्सी, अमूल की तरह सहकारी मॉडल पर आधारित नई टैक्सी सेवा है. ड्राइवर और मालिक निर्णय में भागीदार हैं, जबकि शून्य कमीशन से उनकी आमदनी बढ़ती है. सवारी के लिए सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी. सरकार और NeGD का समर्थन मिलने के साथ, लॉन्च 1 जनवरी 2026 से होगा.
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श्रीलंका, जॉर्डन और सेनेगल में खाद प्लांट लगाएगा इफको, घरेलू खाद जरूरत पूरा करने के लिए अहम कदम
प्रबंध निदेशक केजे पटेल ने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाला कच्चा माल हासिल करना चुनौती बनता जा रहा है. इसके लिए या तो अधिक भुगतान करना होगा या अधिक वित्तीय बोझ उठाना होगा. एक बेहतर विकल्प के रूप में उन देशों में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करना है, जहां ये संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं.
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तीन गुना तक बढ़ सकती है कृषि GDP, IFFCO चेयरमैन दिलीप संघाणी ने दिया रोडमैप
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्यान मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब कृषि क्षेत्र में बड़े बदलावों की जरूरत है और इसके लिए सरकार देशभर में व्यापक चर्चा शुरू करने जा रही है. उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय को कृषि भवन से निकालकर किसानों के खेतों तक ले जाने का समय आ गया है.
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मक्का किसानों के लिए सरकार का बड़ा फैसला, MSP पर खरीद लिमिट बढ़ाई.. पैक्स पर भी बिक्री करेंगे किसान
केंद्र ने मक्का के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी की है और एथेनॉल बनाने में मक्का के अतिरिक्त इस्तेमाल के चलते किसानों को अच्छे भाव की उम्मीद थी, जिसके चलते किसानों ने इस मक्का की खूब खेती की, लेकिन जब कटाई के बाद फसल बिक्री का समय आया तो भाव गिरकर धड़ाम हो गया. नाराज किसान कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
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महिला पशुपालकों की कमाई बढ़ाने के लिए डेयरी विभाग लाएगा नई स्कीम, मिल्क प्रोड्यूसर सोसाइटी बनेंगी
मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गांवों में मिल्क प्रोड्यूसर सोसाइटी बनाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन समतियों के गठन से गांवों में दूध उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा तो वहीं पशुपालकों को दूध की सही कीमत मिलनी पक्की हो सकेगी. उन्होंने नई स्कीम शुरू करने समेत कई निर्देश दिए हैं.








