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खरीफ सीजन के लिए खाद की जरूरत 390 लाख टन, स्टॉक में केवल 195 लाख टन.. कैसे पूरी होगी डिमांड
किसान यूनियनों और किसान नेताओं का कहना है कि खरीफ सीजन के लिए खाद की जरूरत लगभग 390 लाख मीट्रिक टन है और उपलब्धता केवल 195 लाख मीट्रिक टन है. यानी जरूरत से आधा स्टॉक है. अब कम खाद स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ गई है. हालांकि, सरकार ने पर्याप्त खाद मौजूद होने की बात कही है.
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सहकारी समितियों से मिनटों में पास होगा लोन, किसानों की सुविधा के लिए खर्च होंगे 5.11 लाख करोड़
NABARD की 5.11 लाख करोड़ रुपये की नई क्रेडिट योजना से किसानों, पशुपालकों और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी. योजना के तहत फसल ऋण, कृषि मशीनरी, बागवानी और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करना और किसानों की आय बढ़ाना है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
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9 साल से बंद पड़ी सहकारी चीनी मिल फिर से होगी शुरू? इथेनॉल प्लांट शुरू कराने पर जोर
ओडिशा के बरगढ़ में बंद शुगर मिल को फिर से शुरू करने की मांग तेज हो गई है. कर्मचारियों ने आधुनिक मिल और एथेनॉल प्लांट की मांग रखी है. मिल बंद होने से गन्ना खेती प्रभावित हुई, कर्मचारी बेरोजगार हुए और बकाया भुगतान भी अटका है, जिससे आर्थिक संकट गहराया है.
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खेती के बढ़ते खर्च से किसानों की टूट रही कमर, किसान बोले- गन्ना बकाया 230 करोड़ जारी करे सरकार
किसान मजदूर मोर्चा ने यूरिया की कमी को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि जबरदस्ती नैनो यूरिया थोपने की नीति को तुरंत बंद किया जाए. इसके अलावा गन्ना किसानों का बकाया 230 करोड़ रुपये का भुगतान करने की मांग की गई है. समाधान नहीं होने पर 18 मई को धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है.
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सिलेंडर के बाद दूध की महंगाई का झटका, एक सप्ताह में तीसरी कंपनी ने दूध की कीमतें बढ़ाईं
Milk Price Hike : एलपीजी बढ़ोत्तरी के बाद अब दूध की महंगाई ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है. सहकारी मिल्क कंपनी ने दूध के दाम में 4 रुपये बढ़ा दिए हैं. राज्य के मत्स्य और पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक ने कहा ताजा बढ़ोत्तरी टोंड और गोल्ड के साथ ही प्रीमियम मिल्क में की गई है.
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अमित शाह के इस ऐलान से पशुपालकों की बढ़ेगी कमाई.. ज्यादा दूध देने वाली बछिया लेंगी जन्म
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हर साल लगभग 500 उन्नत नस्ल के पशु लाने की योजना है और अगले 10 सालों में इस क्षेत्र में पशुधन की संख्या को लगभग तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि इस बात पर शोध किया जाएगा कि बेहद ठंडी और कम ऑक्सीजन वाली परिस्थितियों में पशु कैसे बेहतर तरीके से जीवित रह सकें.








