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किसानों की मांगों को पूरा करेगी सरकार? किसानों के मुद्दों पर सहमति बनी पर अभी और बैठकें होंगी
Manohar Lal Khattar meet SKM-NP Leaders: किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के साथ वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई और उन्होंने सभी मांगों को संबंधित मंत्रालयों तक पहुंचाने और पूरा कराने का भरोसा दिया है.
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पेड़ों पर लदा अखरोट, लेकिन जेब खाली! कश्मीर के किसानों के सामने खड़ी हुई ये बड़ी मुसीबत
कश्मीर में इस बार अखरोट की बंपर फसल हुई है, लेकिन किसानों की कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी. सस्ता विदेशी अखरोट, पुराने पेड़ों से कम उत्पादन और नए हाई-डेंसिटी पौधे लगाने में कानून की पाबंदी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है.
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पंजाब में बिजली की मांग में 140 फीसदी का इजाफा, धान की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर बढ़ी निर्भरता
पंजाब में कमजोर मॉनसून के बीच धान की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भरता बढ़ने से बिजली की मांग 140 फीसदी तक बढ़ गई है. 2 सितंबर को मांग 16,343 मेगावाट पहुंची। PSPCL ने 2,709.45 लाख यूनिट बिजली खरीदी. बिजली कर्मचारियों की हड़ताल और थर्मल प्लांट से कम उत्पादन ने संकट बढ़ाया. उद्योगों में भी बिजली कटौती शुरू हो गई है.
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बिहार में घटा गन्ने का रकबा, इस बार कम हो सकता है उत्पादन.. देश में 43 हजार हेक्टेयर की गिरावट
बिहार में इस साल गन्ने का उत्पादन घटने की आशंका है. राज्य में गन्ने की खेती का रकबा करीब 30 हजार हेक्टेयर कम हुआ है. कम बारिश, बाढ़ और थ्रिप्स के प्रकोप से फसल प्रभावित हो रही है. इससे गन्ने में रस की मात्रा और चीनी की रिकवरी रेट घट सकती है. देश में भी गन्ने का रकबा 43 हजार हेक्टेयर घटा है.
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सितंबर में बोएं ये 5 विदेशी सब्जियां, नवंबर-दिसंबर में होगी ताबड़तोड़ कमाई!
सितंबर की शुरुआत किसानों के लिए कमाई का नया मौका लेकर आई है. ब्रोकली, रंगीन शिमला मिर्च, लेट्यूस, जुकीनी और चेरी टमाटर जैसी विदेशी सब्जियों की खेती शुरू की जा सकती है. नवंबर-दिसंबर में अगेती फसल बाजार पहुंचने पर बेहतर भाव मिलने की संभावना रहती है.
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किसानों के लिए बड़ा खतरा! हर साल 4.33 करोड़ लोग कीटनाशक के जहर की चपेट में, रिसर्च में खुलासा
Pesticide Poisoning: एक नई रिसर्च में कीटनाशकों के इस्तेमाल से किसानों और खेत मजदूरों पर बढ़ते खतरे को लेकर चिंता जताई गई है. रिसर्च के मुताबिक दुनियाभर में हर साल करीब 4.33 करोड़ गंभीर पेस्टिसाइड पॉइजनिंग के मामले सामने आ सकते हैं, जो करीब 46 फीसदी किसानों और खेत मजदूरों को प्रभावित करते हैं.








