केंद्र सरकार नैनो-उर्वरकों को तीन साल की बजाय स्थायी मंजूरी देने की योजना बना रही है. ICAR ने देशभर में इसके प्रभाव की जांच की है. विशेषज्ञों के अनुसार उत्पाद फायदेमंद है, लेकिन जबरदस्ती लागू करने पर शिकायतें बढ़ती हैं.
Natural Farming : बिहार में खेती का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. किसान रासायनिक खाद छोड़कर प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं. गोबर और देसी तरीकों से उगाई जा रही फसलें सेहतमंद हैं. सरकारी सहयोग और बढ़ती जागरूकता से हजारों किसान इससे जुड़कर खेती को टिकाऊ और लाभकारी बना रहे हैं.
खरपतवार नियंत्रण के लिए सबसे सही समय बोआई के 30-35 दिन बाद होता है. पहली सिंचाई के बाद सल्फोसल्फयुरॉन 33 ग्राम और मेटसल्फयुरॉन 20 ग्राम प्रति हेक्टेयर को 500 लीटर पानी में मिलाकर फसल पर छिड़काव करें.
अगस्त 2025 की बाढ़ से कपूरथला जिले में हजारों एकड़ धान और गेहूं की फसल बर्बाद हुई. सुल्तानपुर लोधी के किसानों की खेती प्रभावित रही. राहत के लिए 2,400 बोरी गेहूं के बीज और यूरिया दान मिल रहा है. कई संगठन मदद के लिए आगे आए हैं.
मुख्यमंत्री ने बताया कि धान की कटाई के बाद खेतों में पूसा बायो-डीकम्पोजर का छिड़काव किया गया, जो पराली को खेत में ही सड़ाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है. यह सुविधा किसानों को मुफ्त दी गई.
इस साल देश में कपास उत्पादन घटने और मांग ज्यादा रहने का अनुमान है. उद्योग संगठनों ने आयात शुल्क हटाने की मांग की है ताकि कपड़ा उद्योग और एमएसएमई को सस्ता कच्चा माल मिल सके. साथ ही बीज गुणवत्ता और उत्पादकता सुधार पर जोर दिया गया है.