Buffalo Farming: पशुपालक अभी कर लें ये इंतजाम नहीं तो गर्मी में 15 फीसदी तक घट सकता है भैंस का दूध!
Dairy Farming Tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही भैंस पालने वाले पशुपालकों की चिंता बढ़ने लगती है. तेज धूप और बढ़ता तापमान भैंसों की सेहत पर सीधा असर डालता है, जिससे दूध उत्पादन अचानक कम हो सकता है. कई बार गर्मी की वजह से भैंसें हीट स्ट्रेस का शिकार हो जाती हैं और उनकी भूख भी कम हो जाती है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) ने किसान इंडिया को बताया कि, ऐसे में अगर समय रहते सही देखभाल, संतुलित आहार और ठंडक की व्यवस्था की जाए, तो भैंसों को गर्मी से बचाया जा सकता है और दूध उत्पादन भी बेहतर बनाए रखा जा सकता है.

गर्मी में दूध उत्पादन घटने का खतरा: तेज गर्मी और लू का असर भैंसों पर ज्यादा पड़ता है, जिससे दूध उत्पादन में करीब 10-15% तक गिरावट आ सकती है. इससे पशुपालकों की आमदनी पर भी सीधा असर पड़ता है.

भैंसें गर्मी को कम सहन कर पाती हैं: भैंसों की त्वचा काली होती है और उनमें पसीने की ग्रंथियां कम होती हैं. इसी वजह से वे गायों की तुलना में ज्यादा जल्दी हीट स्ट्रेस का शिकार हो जाती हैं.

सुबह-शाम चारा खिलाना ज्यादा फायदेमंद: गर्मी के मौसम में भैंसों को सुबह जल्दी या शाम के समय चारा देना बेहतर होता है. आहार में करीब 60% हरा चारा और 40% सूखा चारा शामिल करने से उनका स्वास्थ्य और दूध उत्पादन बेहतर रहता है.

पोषक तत्वों की सही मात्रा जरूरी: दूध देने वाली भैंसों को रोजाना 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर और 50 ग्राम नमक देना चाहिए. साथ ही गुड़, गेहूं का आटा और सरसों का तेल देने से उन्हें ऊर्जा मिलती है और दूध की मात्रा बढ़ सकती है.

पर्याप्त पानी और नहलाना जरूरी: गर्मी में एक भैंस को रोज लगभग 60-80 लीटर साफ पानी की जरूरत होती है. दिन में 2-3 बार नहलाने या तालाब में बैठाने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है.

हीट स्ट्रेस के लक्षणों को पहचानें: तेज सांस लेना, भूख कम होना और सुस्ती जैसे लक्षण गर्मी के असर का संकेत हो सकते हैं. ऐसे संकेत दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है.
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