Exotic Cucumber Farming: गर्मियों के मौसम में खीरे की मांग तेजी से बढ़ जाती है. सलाद, रायता और कई तरह के व्यंजनों में इसका खूब इस्तेमाल होता है. अब बाजार में एक ऐसा विदेशी खीरा भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे न छीलना पड़ता है और न ही इसमें कड़वाहट होती है. यही कारण है कि कई किसान अब आधुनिक तकनीक के साथ विदेशी खीरे की खेती की ओर रुख कर रहे हैं. NHRDF के डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, अगर इसे सही तरीके से उगाया जाए तो यह किसानों के लिए अच्छा मुनाफा देने वाली फसल बन सकती है.
विदेशी खीरा क्या है और क्यों है खास
NHRDF के डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, विदेशी खीरा सामान्य खीरे से थोड़ा अलग होता है. इसका आकार लंबा और सतह चिकनी होती है. इस खीरे की खास बात यह है कि इसमें बीज बहुत कम होते हैं और इसे बिना छीलें भी खाया जा सकता है. स्वाद के मामले में भी यह खीरा हल्का मीठा और कुरकुरा होता है. यही वजह है कि होटल, रेस्टोरेंट और बड़े शहरों के बाजारों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. सलाद और हेल्दी डाइट में इसका ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे इसकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है.

नेट हाउस में विदेशी खीरे की खेती से बढ़ सकती आय.
नेट हाउस में खेती से बेहतर होता है उत्पादन
विदेशी खीरे की खेती आमतौर पर नेट हाउस या पॉलीहाउस जैसी संरक्षित खेती में की जाती है. इस तकनीक से पौधों को मौसम की मार और कीटों से काफी हद तक बचाया जा सकता है. संरक्षित खेती में तापमान और नमी को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे पौधों की बढ़वार अच्छी होती है. सही देखभाल और संतुलित पोषण मिलने पर फसल का उत्पादन भी अच्छा मिलता है. यही कारण है कि आधुनिक तकनीक से खेती करने वाले किसान इस फसल को तेजी से अपना रहे हैं.
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बाजार में अच्छी कीमत मिलने से बढ़ रही दिलचस्पी
विदेशी खीरे की मांग खासकर बड़े शहरों और सुपरमार्केट में ज्यादा देखी जा रही है. इसका आकर्षक रूप, अच्छा स्वाद और कम बीज होने की वजह से ग्राहक इसे ज्यादा पसंद करते हैं. बाजार में इस खीरे की कीमत भी सामान्य खीरे की तुलना में बेहतर मिलती है. कई जगहों पर यह करीब 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता है. अच्छी कीमत और ज्यादा उत्पादन की वजह से यह फसल किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.

खीरे की खेती.
गर्मियों में सेहत के लिए भी फायदेमंद
खीरा गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली सब्जियों में से एक माना जाता है. इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जिससे शरीर को हाइड्रेशन मिलता है. इसके अलावा इसमें कई जरूरी मिनरल्स और पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. डॉक्टर भी गर्मियों में खीरा खाने की सलाह देते हैं. विदेशी खीरे की खासियत यह है कि यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषण के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है.
सही तकनीक अपनाना जरूरी
NHRDF के डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, अगर किसान आधुनिक तकनीक के साथ विदेशी सब्जियों की खेती करें तो उन्हें बेहतर आय मिल सकती है. विदेशी खीरे की खेती करते समय अच्छे बीज का चयन, संतुलित खाद का उपयोग और समय पर सिंचाई बेहद जरूरी है. इसके साथ ही नेट हाउस या संरक्षित खेती का इस्तेमाल करने से पौधों को बेहतर वातावरण मिलता है और फसल की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसान बाजार की मांग को समझकर ऐसी फसलों की खेती करें तो उन्हें पारंपरिक खेती की तुलना में ज्यादा लाभ मिल सकता है. सही जानकारी और तकनीक अपनाकर विदेशी खीरे की खेती किसानों के लिए कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाला विकल्प बन सकती है.