Cucumber Farming: गर्मी का मौसम शुरू होते ही खीरे की मांग बाजार में तेजी से बढ़ जाती है. सलाद और ठंडक देने वाली इस सब्जी की मांग मार्च से जून तक सबसे अधिक रहती है. ऐसे में किसान अगर मार्च में खीरे की बुवाई करें, तो कम लागत में अच्छी पैदावार और बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, किसान अब खीरे की खेती को नकदी फसल के रूप में अपना रहे हैं, क्योंकि यह जल्दी तैयार होती है और बाजार में इसके अच्छे दाम मिलते हैं.
नकदी फसल के रूप में खीरे
आजकल किसान उन फसलों की खेती पर जोर दे रहे हैं, जो कम समय में अच्छा मुनाफा देती हैं. कई किसानों ने परंपरागत फसलों की जगह खीरे की खेती शुरू कर दी है. इससे उन्हें केवल उत्पादन ही नहीं बल्कि अच्छी खासी कमाई भी हो रही है. खीरे की खेती किसानों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो रही है, क्योंकि इसकी बाजार में भारी मांग रहती है और सही समय पर बिक्री करने पर लाखों रुपए का मुनाफा कमाया जा सकता है.
कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, खीरे की खेती के लिए 20 से 40 डिग्री तापमान सबसे उपयुक्त होता है. जनवरी के अंत से मार्च तक बुवाई करने पर अप्रैल-मई में फसल तैयार हो जाती है, जब बाजार में इसकी मांग और कीमत दोनों अधिक होती हैं.
खीरे की बुवाई और पौधों की देखभाल
खीरे की खेती करना बहुत आसान है. खेत की जुताई के बाद मिट्टी में मेड बनाकर मल्च बिछाना चाहिए. फिर छेद करके बीज बोएं. पौधों के बीच 60 सेंटीमीटर और क्यारियों के बीच 50 सेंटीमीटर दूरी रखें. एक स्थान पर दो बीज डालने से अंकुरण अच्छा होता है और उत्पादन बढ़ता है. एक एकड़ खेत के लिए लगभग 1 किलो बीज पर्याप्त होता है.
खीरे बेल वाली फसल है, इसलिए इसे बांस या तार का सहारा देना जरूरी है. इससे फल जमीन से ऊपर रहते हैं और खराब नहीं होते. फूल आने के समय कीटों से बचाव के लिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह से दवा का उपयोग करें. खीरे के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. प्रति एकड़ 6 टन सड़ी हुई गोबर की खाद डालें. साथ ही 20 किलो नाइट्रोजन, 12 किलो फॉस्फोरस और 10 किलो पोटाश देना फायदेमंद होता है. नाइट्रोजन को तीन हिस्सों में देने से पौधे मजबूत बनते हैं और उत्पादन बढ़ता है.
सबसे अच्छी किस्में
- HW-216 किस्म: 40-45 दिन में तुड़ाई शुरू, प्रति पौधे 3-4 किलो उत्पादन.
- पूसा संयोग और पूसा उदय: प्रति हेक्टेयर 200-250 क्विंटल तक उत्पादन. ये किस्में कम समय में ज्यादा पैदावार और बेहतर गुणवत्ता देती हैं.
बाजार में खीरे का भाव
गर्मी के मौसम में खीरे का भाव 20-25 रुपये प्रति किलो तक रहता है. शादी-विवाह के सीजन में इसकी मांग और भी बढ़ जाती है. सही समय पर खेती करने से किसान कम समय में बंपर कमाई कर सकते हैं. मार्च में बुवाई करने पर गर्मियों में खीरे की फसल किसानों के लिए आय बढ़ाने का बेहतर विकल्प साबित होती है.