दूध पर MSP लागू होगा या नहीं? संसद में सरकार ने दिया बड़ा जवाब, जानें किसानों के लिए क्या बदलेगा

Milk MSP News: केंद्र सरकार ने लोकसभा में साफ किया है कि फिलहाल दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने की कोई योजना नहीं है. सरकार के मुताबिक दूध की कीमतें आगे भी सहकारी डेयरियां और निजी कंपनियां बाजार के हिसाब से तय करेंगी.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 21 Jul, 2026 | 07:26 PM

Milk MSP: दूध की कीमतों को लेकर लंबे समय से किसानों के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग उठती रही है. लेकिन अब केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि फिलहाल दूध पर MSP लागू करने की कोई योजना नहीं है. यानी आने वाले समय में भी दूध की खरीद कीमतें बाजार के हिसाब से ही तय होंगी. सरकार का कहना है कि डेयरी किसानों की मदद के लिए कई दूसरी योजनाएं पहले से चलाई जा रही हैं, जिनका फायदा लाखों पशुपालकों को मिल रहा है. मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए यह जानकारी दी.

दूध की कीमत कैसे तय होगी?

सरकार ने बताया कि फिलहाल दूध खरीद की कीमतें सहकारी डेयरियां और निजी डेयरी कंपनियां तय करती हैं. ये कीमतें बाजार में मांग और आपूर्ति को देखते हुए तय की जाती हैं. सरकार के मुताबिक, दूध पर MSP लागू करने का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है. इसका मतलब है कि, दूध बेचने वाले किसानों को आगे भी अपनी उपज की कीमत डेयरी कंपनियों और सहकारी संस्थाओं की तय दरों के अनुसार ही मिलेगी.

डेयरी सेक्टर को मजबूत करने पर सरकार का जोर

हालांकि सरकार ने MSP से इनकार किया है, लेकिन उसने यह भी कहा कि डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. मार्च 2026 तक देशभर में गांव स्तर पर 36,283 नई डेयरी सहकारी समितियां बनाई गई हैं. इसके अलावा 31,150 पुरानी सहकारी समितियों को और मजबूत किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा पशुपालक संगठित व्यवस्था से जुड़ सकें. सरकार ने यह भी बताया कि, देश में 168 लाख लीटर प्रतिदिन दूध चिलिंग क्षमता विकसित की गई है. इससे दूध को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और खराब होने से बचाने में मदद मिलेगी.

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केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि फिलहाल दूध पर MSP लागू करने की योजना नहीं है

दूध की जांच और प्रोसेसिंग पर भी काम

सरकार के अनुसार दूध की क्वालिटी बेहतर बनाए रखने के लिए 76,748 क्वालिटी जांच उपकरण वितरित किए गए हैं. वहीं 418 लाख लीटर रोज दूध प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन क्षमता वाली परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है. इससे दूध से बनने वाले अन्य उत्पादों का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और किसानों को बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है.

10 साल में दूध उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी

सरकार ने संसद में बताया कि पिछले दस साल में देश के दूध उत्पादन में करीब 69 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. साल 2014-15 में भारत का कुल दुग्ध उत्पादन 146 मिलियन मीट्रिक टन था, जो 2024-25 में बढ़कर 248 मिलियन मीट्रिक टन पहुंच गया. सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन जैसी योजनाओं की वजह से संभव हुई है. इन तकनीकों से अच्छी नस्ल के पशु तैयार हो रहे हैं और दूध उत्पादन बढ़ रहा है.

दूध की क्वालिटी पर भी रहेगी नजर

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देशभर में दूध की क्वालिटी पर लगातार नजर रखी जा रही है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर दूध की जांच करते हैं ताकि लोगों तक सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का दूध पहुंचे.

सरकार का कहना है कि आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों को संगठित डेयरी नेटवर्क से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर सुविधाएं और बाजार उपलब्ध हो सके.

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