Animal husbandry tips: डेयरी व्यवसाय में मुनाफा बढ़ाने के लिए केवल अच्छी नस्ल के पशु पालना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पशुओं के खानपान का सही तरीका भी बेहद महत्वपूर्ण होता है. पशु विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हरे और सूखे चारे को सीधे खिलाने के बजाय उसकी कुट्टी बनाकर दिया जाए तो पशु उसे आसानी से पचा लेते हैं. इससे चारे में मौजूद पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होता है, दूध उत्पादन में सुधार आ सकता है और चारे की बर्बादी को भी कम किया जा सकता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (कृषि विज्ञान केंद्र, नोएडा) के अनुसार, पशुओं को संतुलित आहार के साथ कुट्टी किया हुआ चारा खिलाना वैज्ञानिक तरीका माना जाता है. इससे पशुओं की पाचन क्षमता मजबूत होती है और डेयरी किसानों को कम लागत में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.
कुट्टी किया हुआ चारा पशु आसानी से पचा लेते हैं
पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, गेहूं का भूसा, धान का पुआल, दलहनी फसलों के अवशेष और सूखी घास जैसे चारे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खिलाना अधिक लाभकारी होता है. साबुत चारा खाने में पशुओं को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जबकि कुट्टी किया हुआ चारा आसानी से चबाया और पचाया जा सकता है. कुट्टी के छोटे टुकड़ों पर पशुओं के पेट में मौजूद सूक्ष्म जीव बेहतर तरीके से काम करते हैं. इससे चारे में मौजूद पोषक तत्व शरीर में आसानी से पहुंचते हैं और पशुओं की सेहत बेहतर बनी रहती है. अच्छी पाचन क्रिया का सीधा असर दूध उत्पादन क्षमता पर भी देखने को मिलता है.
हरे चारे से मिलते हैं जरूरी पोषक तत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, हरा चारा पशुओं के लिए विटामिन-ए, अन्य आवश्यक विटामिन और खनिज तत्वों का प्रमुख स्रोत होता है. संतुलित आहार में हरे चारे को शामिल करने से पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वे स्वस्थ रहते हैं. यदि किसी समय हरे चारे की उपलब्धता अधिक हो तो उसे वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित भी रखा जा सकता है. किसान अतिरिक्त हरे चारे को सुखाकर हे या साइलेज के रूप में संरक्षित कर सकते हैं, ताकि चारे की कमी के समय इसका उपयोग किया जा सके.
कुट्टी मशीन से घटेगी चारे की बर्बादी और खर्च
पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम बताते हैं कि कुट्टी किया हुआ चारा न केवल पशुओं के लिए फायदेमंद है, बल्कि किसानों की लागत भी कम करता है. छोटे किसान, जिनके पास कम संख्या में पशु हैं, वे हाथ से चलने वाली कुट्टी मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं बड़े डेयरी संचालकों के लिए इंजन या विद्युत चालित कुट्टी मशीन अधिक उपयोगी साबित हो सकती है. इससे कम समय में अधिक मात्रा में चारा तैयार किया जा सकता है और श्रम की बचत होती है.
सही चारा प्रबंधन से बढ़ेगा डेयरी का मुनाफा
कुट्टी किए हुए चारे को कम जगह में आसानी से संग्रहित किया जा सकता है. इसके अलावा आधुनिक पशु आहार ब्लॉक (TMR Block) तैयार करने में भी चारे की सही कुट्टी जरूरी होती है. इससे पशुओं को संतुलित मात्रा में पोषण मिलता है. विशेषज्ञों का कहना है कि पशुपालक यदि चारा प्रबंधन पर ध्यान दें, हरे और सूखे चारे का संतुलित उपयोग करें और कुट्टी बनाकर पशुओं को खिलाने की आदत अपनाएं, तो दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशुपालन की लागत को भी कम किया जा सकता है. सही आहार प्रबंधन से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और डेयरी व्यवसाय अधिक लाभदायक बन सकेगा.