अगर आप बाजार से रोजाना सब्जियां खरीदने के बजाय घर पर ही ताजी और जैविक सब्जियां उगाना चाहते हैं, तो इसके लिए बड़े खेत की जरूरत नहीं है. छत, बालकनी, आंगन या छोटे गार्डन में रखे गमले और कंटेनर में पालक, धनिया और चुकंदर आसानी से उगाए जा सकते हैं. सही मिट्टी, पर्याप्त धूप, संतुलित सिंचाई और जैविक खाद के इस्तेमाल से कम जगह में भी अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, उचित देखभाल मिलने पर पालक की पहली पत्तियां करीब 30 दिन में तोड़ी जा सकती हैं, जबकि धनिया लगभग 35 से 45 दिन में तैयार हो सकता है.
6 से 9 इंच के गमले में उगाएं पालक और धनिया
डॉ. रजनीश मिश्रा, संयुक्त निदेशक (बागवानी) के अनुसार, किचन गार्डन शुरू करते समय सबसे पहले सही गमले का चुनाव करना जरूरी है. पालक और धनिया के लिए करीब 6 से 9 इंच गहरा और चौड़ा गमला या टब पर्याप्त रहता है. वहीं चुकंदर जमीन के अंदर जड़ बनाता है, इसलिए उसके लिए करीब 12 इंच गहरा कंटेनर बेहतर रहता है. गमले के नीचे पानी निकासी के लिए छेद जरूर होने चाहिए. मिट्टी तैयार करने के लिए करीब 40 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद, 20 प्रतिशत कोकोपीट और 10 प्रतिशत रेत मिलाई जा सकती है. इससे मिट्टी भुरभुरी रहती है और अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाता है.
ऐसे लगाएं धनिया और पालक के बीज
धनिया उगाने के लिए साबुत धनिए के बीज लेकर उन्हें हल्के हाथ से दो हिस्सों में बांटा जा सकता है. बीजों को रातभर पानी में भिगोने के बाद अगले दिन नम मिट्टी में समान रूप से बिखेर दें. ऊपर से करीब आधा इंच मिट्टी डालकर हल्का पानी दें. अच्छी रोशनी मिलने पर धनिया करीब 35 से 45 दिन में काटने लायक हो सकता है. पालक के बीजों को बहुत गहराई में लगाने की जरूरत नहीं होती. इन्हें लगभग 1 से 1.5 इंच की दूरी पर बिखेरकर ऊपर से हल्की मिट्टी डालें. मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें. उचित देखभाल में करीब 30 दिन में पालक की पहली पत्तियां इस्तेमाल की जा सकती हैं. ऊपर से पत्तियां काटने पर पौधे में नई पत्तियां दोबारा आ सकती हैं.
चुकंदर के लिए रखें पर्याप्त जगह
चुकंदर के बीज पालक और धनिया से बड़े होते हैं. इन्हें करीब 3 से 4 इंच की दूरी पर और लगभग आधा इंच गहराई में लगाया जा सकता है. एक जगह से कई पौधे निकलने पर कमजोर पौधों को हटा देना चाहिए, ताकि मजबूत पौधे को पर्याप्त जगह मिल सके. चुकंदर की हरी पत्तियां अपेक्षाकृत जल्दी इस्तेमाल की जा सकती हैं, लेकिन जड़ वाला चुकंदर तैयार होने में आमतौर पर करीब 55 से 60 दिन या उससे अधिक समय लग सकता है. समय मौसम, किस्म और देखभाल के अनुसार बदल सकता है.
4-5 घंटे धूप और 15 दिन में जैविक खाद
डॉ. रजनीश मिश्रा, संयुक्त निदेशक (बागवानी) के अनुसार, पालक, धनिया और चुकंदर की अच्छी ग्रोथ के लिए रोजाना करीब 4 से 5 घंटे धूप जरूरी है. हालांकि बहुत ज्यादा गर्मी में दोपहर की तेज धूप से पौधों को बचाना चाहिए. सिंचाई करते समय मिट्टी की नमी जरूर जांचें. ऊपर की मिट्टी सूखी लगे तभी हल्का पानी दें और अतिरिक्त पानी को गमले से बाहर निकलने दें. हर 15 दिन में थोड़ी मात्रा में वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद दी जा सकती है. कीट दिखाई देने पर शुरुआत में उन्हें हाथ से हटाएं. जरूरत पड़ने पर नीम आधारित उत्पाद का इस्तेमाल लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार किया जा सकता है. इस तरह कुछ गमलों से शुरुआत करके घर पर ही छोटा और उपयोगी किचन गार्डन तैयार किया जा सकता है.