Banana Farming: केले की खेती को किसानों के लिए अधिक लाभकारी बनाने के लिए टिश्यू कल्चर तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस तकनीक से तैयार केले के पौधे सामान्य पौधों की तुलना में अधिक गुणवत्तापूर्ण और अपेक्षाकृत रोगमुक्त होते हैं. इससे पौधों की अच्छी वृद्धि और बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना रहती है. किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए टिश्यू कल्चर केले की खेती पर प्रति हेक्टेयर 70 हजार रुपये तक का अनुदान देने की योजना लागू की गई है. योजना के तहत किसानों को दो किस्तों में सहायता राशि दी जाएगी.
34 जिलों में लागू की गई योजना
एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत उद्यान निदेशालय की ओर से टिश्यू कल्चर केले के क्षेत्र विस्तार की योजना चलाई जा रही है. यह योजना राज्य के 34 जिलों में लागू की गई है. इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से केले की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और बागवानी फसलों से उनकी आमदनी बढ़ाना है. टिश्यू कल्चर तकनीक में प्रयोगशाला के माध्यम से तैयार किए गए पौधों का इस्तेमाल किया जाता है. इन पौधों में एकरूपता रहने के साथ बेहतर गुणवत्ता मिलने की संभावना रहती है. किसानों को उन्नत पौध उपलब्ध होने से केले की खेती में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.
प्रति हेक्टेयर 70 हजार रुपये की सहायता
योजना के तहत टिश्यू कल्चर केले की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम 70 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा. यह राशि एक साथ नहीं बल्कि दो किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी. पहले वर्ष में किसानों को 42 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. इसके बाद दूसरे वर्ष में पौधों की उत्तरजीविता यानी कितने पौधे सफलतापूर्वक जीवित और विकसित रहे, इसके आधार पर 28 हजार रुपये की दूसरी किस्त प्रदान की जाएगी. इस व्यवस्था का उद्देश्य पौधों की देखभाल और बेहतर रखरखाव के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना भी है.
0.25 एकड़ से 5 एकड़ तक कर सकेंगे आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित भूमि सीमा के अनुसार आवेदन करना होगा. इसके तहत न्यूनतम 0.25 एकड़ यानी करीब 0.1 हेक्टेयर भूमि और अधिकतम 5 एकड़ यानी 2 हेक्टेयर भूमि पर केले की खेती के लिए आवेदन किया जा सकता है. इससे छोटे और मध्यम किसानों को भी योजना से जुड़ने का अवसर मिलेगा. किसान अपनी उपलब्ध भूमि और खेती की क्षमता के अनुसार टिश्यू कल्चर केले की खेती शुरू कर सकते हैं. योजना का लाभ मिलने से शुरुआती लागत का कुछ हिस्सा कम करने में मदद मिल सकती है.
बेहतर पौधों से उत्पादन और आय बढ़ाने की उम्मीद
टिश्यू कल्चर से तैयार केले के पौधे अपेक्षाकृत रोगमुक्त और गुणवत्तापूर्ण होने के कारण किसानों को बेहतर उत्पादन मिलने की उम्मीद है. सामान्य पौधों की तुलना में उन्नत रोपण सामग्री का इस्तेमाल केले की खेती को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनाने में मदद कर सकता है. आधुनिक तकनीक के साथ खेती करने से फसल की गुणवत्ता में सुधार और बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है. सरकार की ओर से दिए जा रहे अनुदान का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाकर आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ना है. इससे केले की खेती का क्षेत्र बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है.