पीएम किसान लाभार्थियों की फार्मर आईडी जरूरी, रजिस्ट्रेशन में पिछड़े जिलों पर कार्रवाई करेंगे कृषि मंत्री

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने फार्मर रजिस्ट्री आंकड़ों की समीक्षा करते हुए सुल्तानपुर, बलिया समेत अन्य जिलों को फटकार लगाई है. उन्होंने बताया कि राज्य में मिशन मोड पर किसानों की फार्मर आईडी बनाने का काम चल रहा है और 30 नवंबर टारगेट डेट तय की गई है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 22 Nov, 2025 | 08:56 AM

पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पा रहे किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए जिन जिलों में धीमी गति से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है, वहां के अफसरों को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कार्रवाई की चेतावनी जारी की है. उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री ने फार्मर रजिस्ट्री आंकड़ों की समीक्षा करते हुए सुल्तानपुर, बलिया समेत अन्य जिलों को फटकार लगाई है. उन्होंने बताया कि राज्य में मिशन मोड पर किसानों की फार्मर आईडी बनाने का काम चल रहा है और 30 नवंबर टारगेट डेट तय की गई है. एक दिन में सर्वाधिक 55 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा रही हैं.

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही किसानों की फार्मर आईडी बनाने को लेकर काफी संजीदा हैं. उन्होंने अभियान की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग की ओर से 20 नवंबर 2025 तक की फार्मर रजिस्ट्री की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट देखी और जारी की. पूरे प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य 59.10 फीसदी तक पूरा हो चुका है. राज्य में पीएम किसान योजना के अंतर्गत सत्यापन के बाद कुल 2,48,30,499 किसान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 1,66,49,184 पीएम किसान लाभार्थियों का पंजीकरण फार्मर रजिस्ट्री में सफलतापूर्वक किया जा चुका है. अकेले 20 नवंबर को पूरे प्रदेश में 55,460 नई फार्मर आईडी जेनरेट की गईं, जो काम में तेजी को दर्शाता है.

फार्मर आईडी बनाने के लिए सबसे आगे निकला गाजियाबाद

जिलावार प्रदर्शन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 79.76 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है. इसके बाद बस्ती जिला 79.05 प्रतिशत कार्य पूरा कर दूसरे और सीतापुर 78.22 प्रतिशत प्रगति के साथ तीसरे स्थान पर है. इसी क्रम में रामपुर ने 76.90 प्रतिशत और फिरोजाबाद ने 76.00 प्रतिशत कार्य पूरा कर शीर्ष पांच जिलों में अपनी जगह पक्की की है.

इन जिलों में सुस्त फार्मर रजिस्ट्रेशन का काम

कुछ जिलों की प्रगति अत्यंत धीमी और चिंताजनक है. सुल्तानपुर जिला मात्र 49 प्रतिशत कार्य के साथ तालिका में सबसे निचले यानी 75वें पायदान पर है. इसी तरह बलिया 50.23 प्रतिशत, संत कबीर नगर 50.32 प्रतिशत, गोरखपुर 50.53 प्रतिशतऔर बागपत 51.04 प्रतिशत प्रगति के साथ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले निचले पांच जिलों में शामिल हैं. सरकार की इस महत्वाकांक्षी फार्मर रजिस्ट्री पहल का उद्देश्य किसानों को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान करना है.

कृषि विभाग ने बताया क्यों बनाई जा रही किसानों की फार्मर आईडी

कृषि विभाग के अनुसार फार्मर आईडी बनने से पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंच सकेगा. यह प्रक्रिया न केवल ऋण प्राप्ति और बीमा क्लेम को सरल बनाएगी, बल्कि बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर वास्तविक पात्र किसानों को उनका अधिकार दिलाने में भी सहायक होगी.

फार्मर आईडी में तेजी नहीं लाने वाले अफसर नपेंगे

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने आंकड़ों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब पूरे प्रदेश का औसत 59.10 प्रतिशत है, तो सुल्तानपुर और बलिया जैसे जिलों का 50 प्रतिशत के आसपास संघर्ष करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है. मंत्री ने सुल्तानपुर, बलिया, संत कबीर नगर, गोरखपुर और बागपत के अधिकारियों को गाजियाबाद और बस्ती जैसे अग्रणी जिलों से प्रेरणा लेकर मिशन मोड में काम करने का सख्त निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कार्य में तत्काल तेजी नहीं लाई गई, तो शिथिलता बरतने वाले संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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