Poultry Farming Tips: गर्मियों की शुरुआत के साथ ही तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. इसका सीधा असर मुर्गी पालन पर पड़ता है. ज्यादा गर्मी से मुर्गियों में हीट स्ट्रेस बढ़ जाता है, जिस वजह से अंडा उत्पादन कम हो सकता है और उनका वजन भी प्रभावित होता है. कई बार लापरवाही के कारण मृत्यु दर भी बढ़ जाती है. इसलिए इस मौसम में खास देखभाल अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि मुर्गियां स्वस्थ रहें और उत्पादन भी बना रहे.
ठंडे और साफ पानी की लगातार उपलब्धता
पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार गर्मी के मौसम में मुर्गियां सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुना पानी पीती हैं. इसलिए 24 घंटे साफ और ठंडा पानी उपलब्ध कराना अनिवार्य है. पानी के बर्तनों की संख्या 20-25 प्रतिशत तक बढ़ा देनी चाहिए, ताकि सभी पक्षियों को आसानी से पानी मिल सके. दिन में कम से कम चार बार पानी बदलना बेहतर रहता है. पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स और विटामिन-सी मिलाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और हीट स्ट्रेस कम होता है. ध्यान रखें कि बिना पशु चिकित्सक की सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग न करें.
शेड का तापमान कैसे रखें नियंत्रित
मुर्गियों के रहने वाले शेड का तापमान संतुलित रखना बेहद जरूरी है. छत पर जूट की बोरियां, पुआल या टाट बिछाकर उन पर समय-समय पर पानी का छिड़काव करने से अंदर की गर्मी कम की जा सकती है. इसके अलावा पंखे, कूलर या मिस्टिंग सिस्टम का इस्तेमाल भी फायदेमंद रहता है. शेड में क्रॉस वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि गर्म हवा और अमोनिया जैसी हानिकारक गैसें बाहर निकल सकें. अच्छी हवा का प्रवाह मुर्गियों को आराम देता है और बीमारी का खतरा घटाता है.
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भीड़भाड़ कम रखें, जगह दें पर्याप्त
गर्मी के मौसम में मुर्गियों को सामान्य से 10-15 प्रतिशत अधिक जगह देना चाहिए. ज्यादा भीड़ होने पर तनाव बढ़ता है, जिससे बीमारियां तेजी से फैलती हैं और उत्पादन घट सकता है. बिछावन की मोटाई दो इंच से ज्यादा न रखें. इसे दिन में दो से तीन बार पलटते रहें, ताकि नमी जमा न हो और बदबू न फैले. साफ और सूखा वातावरण मुर्गियों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है.
दाने में करें जरूरी बदलाव
गर्मी के दिनों में दाना देने का समय बदलना चाहिए. दिन के सबसे गर्म समय में भोजन देने से बचें. सुबह जल्दी या शाम को दाना देना बेहतर रहता है. आहार में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स संतुलित मात्रा में शामिल करें, लेकिन ऊर्जा की मात्रा ज्यादा न रखें. अधिक ऊर्जा वाला आहार शरीर में अतिरिक्त गर्मी पैदा कर सकता है. ताजा और संतुलित भोजन मुर्गियों की ताकत बनाए रखने में मदद करता है.
धूप और तनाव से बचाव जरूरी
मुर्गियों को सीधे धूप से बचाना चाहिए. दोपहर के समय उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न करें. कम तनाव और सही प्रबंधन से ही गर्मी के मौसम में अंडा उत्पादन और वजन वृद्धि को स्थिर रखा जा सकता है.
गर्मी का मौसम मुर्गी पालकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही योजना और सावधानी से नुकसान से बचा जा सकता है. ठंडा पानी, नियंत्रित तापमान, संतुलित आहार और साफ-सफाई का ध्यान रखकर किसान अपने व्यवसाय को सुरक्षित रख सकते हैं और उत्पादन में गिरावट से बच सकते हैं.