How To Make Organic Colours At Home: होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह मस्ती, खुशियों और उल्लास का प्रतीक भी माना जाता है. लेकिन अगर हम बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल करते हैं, तो यह हमारी त्वचा और बालों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. इन रंगों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल लंबे समय में सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं.
इसलिए इस बार होली पर हर्बल और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है. घर पर बनाए गए गुलाल न केवल आपकी त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित होते हैं, बल्कि इनका रंग भी लंबे समय तक सुंदर और चमकदार रहता है.
गुलाबी और लाल गुलाल
गुलाबी और लाल रंग बनाने के लिए चुकंदर का इस्तेमाल करें. चुकंदर को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में उबाल लें. जब पानी का रंग गहरा लाल हो जाए, तो इसे ठंडा करके इसमें कॉर्नस्टार्च या चावल का आटा मिलाएं और गाढ़ा पेस्ट तैयार करें. इस पेस्ट को धूप में सुखाकर मिक्सी में पीस लें. इससे तैयार गुलाल पूरी तरह हर्बल और त्वचा के लिए सुरक्षित होता है.
पीला रंग कैसे बनाएं
पीला रंग बनाने के लिए हल्दी सबसे सरल और सुरक्षित तरीका है. दो-तीन बड़े चम्मच हल्दी को बेसन या चावल के आटे में अच्छी तरह मिलाकर महीन पाउडर तैयार करें. इसे छलनी से छान लें ताकि गुलाल पूरी तरह बारीक और स्मूद हो. यदि गीला रंग बनाना है, तो हल्दी को पानी में घोलकर इस्तेमाल किया जा सकता है. हल्दी से बने रंग में प्राकृतिक चमक और सुरक्षा दोनों मिलती हैं.
हरा रंग तैयार करने का तरीका
हरे रंग के लिए सूखी मेहंदी और पालक का पाउडर इस्तेमाल करें. सूखी मेहंदी की पत्तियों और पालक पाउडर को मिक्सर में पीसकर महीन पाउडर तैयार करें. अगर गीला रंग चाहिए तो पालक को उबालकर उसका रस इस्तेमाल करें. इस तरह तैयार हरा गुलाल त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित और प्राकृतिक होता है.
नारंगी रंग के लिए गेंदे का फूल
नारंगी रंग बनाने के लिए गेंदे के फूल का उपयोग करें. फूलों को धूप में सुखाकर उसका पाउडर तैयार करें और इसमें हल्का सा कॉर्नस्टार्च या चावल का आटा मिलाकर नरम गुलाल बनाएं. इससे नारंगी रंग भी प्राकृतिक, चमकदार और त्वचा के लिए सुरक्षित बनता है.
क्यों चुनें प्राकृतिक गुलाल?
विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक गुलाल केमिकल वाले रंगों से कई गुना सुरक्षित होते हैं. ये बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी हानिरहित होते हैं और किसी तरह की जलन या एलर्जी का कारण नहीं बनते. गीले रंग बनाने के समय हमेशा साफ पानी और प्राकृतिक फूलों या पत्तियों के रस का इस्तेमाल करें.
सुरक्षित और आनंददायक होली
इस होली 2026 पर केमिकल रंगों से दूर रहकर हर्बल गुलाल से खेलना न केवल आपको सुरक्षित रखेगा, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ बनाए रखेगा. घर पर रंग बनाएं, बच्चों के साथ मिलकर तैयार करें और रंगों की इस त्योहार को पूरी सुरक्षा और खुशी के साथ मनाएं. इस तरह आप होली का असली मज़ा लेंगे और स्वास्थ्य या पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा.