पोल्ट्री फार्म में मुनाफे की होड़ से बढ़ा एंटीबायोटिक्स इस्तेमाल, सेहत पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

पोल्ट्री व्यवसाय में तेजी से मुनाफा कमाने के लिए एंटीबायोटिक्स और खराब फीड के इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ रही है. विशेषज्ञ सावधानी बरतने और सुरक्षित, स्थानीय स्रोतों से अंडे और चिकन खरीदने की सलाह दे रहे हैं ताकि स्वास्थ्य जोखिम कम हो सके. उपभोक्ताओं को जागरूक रहकर संतुलित भोजन चुनने की जरूरत बताई गई.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 18 Feb, 2026 | 10:04 AM

Poultry Farming: रोजाना हमारी थाली में आने वाला अंडा और चिकन क्या वाकई सुरक्षित है? ज्यादा मुनाफा कमाने की दौड़ में अब सेहत से समझौता किया जा रहा है. पोल्ट्री फार्मिंग में मुर्गियों को जल्दी बड़ा करने और कम समय में ज्यादा अंडे लेने के लिए भारी मात्रा में एंटीबायोटिक्स और सड़ी-गली समुद्री चीजों से बनी फीड खिलाई जा रही है. इसका सीधा असर आम लोगों की सेहत पर पड़ सकता है. विशेषज्ञों की मानें तो लंबे समय तक ऐसे मांस और अंडों का सेवन गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकता है.

सड़े-गले समुद्री अवशेष से तैयार हो रही फीड

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पोल्ट्री फीड  में ऐसी समुद्री सामग्री मिलाई जा रही है, जो असल में छोटी मछलियों और समुद्री जीवों के बचे हुए अवशेष होते हैं. जब ये पूरी तरह सड़कर सूख जाते हैं, तब इन्हें पीसकर चारे में मिलाया जाता है. इस तरह की फीड में खतरनाक बैक्टीरिया होने का खतरा रहता है. मुर्गियां जब इसे खाती हैं, तो उसके असर उनके मांस और अंडों  में भी पहुंच सकते हैं. यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ बार-बार सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.

एंटीबायोटिक्स से जल्दी बढ़ाई जा रही मुर्गियों की ग्रोथ

सिर्फ फीड ही नहीं, बल्कि मुर्गियों को तेजी  से बड़ा करने के लिए एंटीबायोटिक्स का भी ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. बीमारियों से बचाव के नाम पर दिए जाने वाले ये इंजेक्शन कई बार जरूरत से ज्यादा मात्रा में लगाए जाते हैं. इससे मुर्गियां कम समय में ज्यादा वजन पकड़ लेती हैं और जल्दी अंडे देने लगती हैं. लेकिन इसका असर इंसानी शरीर पर पड़ सकता है. लंबे समय तक ऐसे उत्पाद खाने से शरीर में दवा का असर कम होना, संक्रमण का खतरा बढ़ना और गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ सकती है.

लोकल खरीदारी बन सकती है सबसे सुरक्षित रास्ता

इस समस्या से बचने का आसान तरीका है समझदारी से खरीदारी करना. कोशिश करें कि अंडे और चिकन स्थानीय छोटे किसानों या आसपास की मंडी से ही खरीदें. छोटे स्तर पर पालन करने वाले किसान अक्सर मुर्गियों को मक्का और प्राकृतिक अनाज खिलाते हैं. बाहर से महंगी फीड मंगाने में ज्यादा खर्च आता है, इसलिए वे साधारण और सुरक्षित आहार का इस्तेमाल करते हैं.अगर उपभोक्ता लोकल उत्पाद को प्राथमिकता देंगे, तो केमिकल वाली सप्लाई अपने आप कम होगी. सेहत के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए जागरूक होना जरूरी है. मुनाफे से ज्यादा जरूरी है सुरक्षित खाना. इसलिए खरीदारी करते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि गुणवत्ता और स्रोत पर भी ध्यान दें.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 18 Feb, 2026 | 06:00 AM
ज्ञान का सम्मान क्विज

तरबूज की खेती किस सीजन में की जाती है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
विटामिन सी
विजेताओं के नाम
राजेश श्रीवास्तव, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश

लेटेस्ट न्यूज़

Assam Election 2026 Shivraj Singh Chouhan Visits Tea Garden Workers Farmers Development Modi Government

चुनाव से पहले असम पहुंचे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, चाय किसानों से मिलकर सुनाया विकास का संदेश!

Raisen Rashtriya Krashi Mela Farmers To Learn How To Turn Crop Residue Into Income Check All Three Days Programs And Schedule

‘पराली से पैसा’ बनाना सीखेंगे किसान, कृषि मेला में वैज्ञानिक बदलेंगे किसानों की राह, जानें 3 दिन में क्या-क्या होगा

Summer Cattle Care Tips Napier Jwar Lobia Maize Benefits For Dairy Animals

गर्मियों में मवेशियों को बीमारियों से बचाने का सुपर सीक्रेट! बस खिलाएं ये हरी घास, बंपर होगा दूध उत्पादन

Shivraj Singh Chouhan Attacks Congress Assam Bjp Exposes Wrong Policies On Youth Land And Democracy

असम में शिवराज सिंह का कांग्रेस पर हमला, युवाओं, जमीन और लोकतंत्र पर गलत नीतियों का BJP ने खोला सच

Haryana Government Gives Major Relief Farmers Providing Compensation Up Rs 50000 For Crop Damage

फसल खराब हुई तो अब मिलेगा 50,000 तक मुआवजा, हरियाणा सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत

Safflower Cultivation Experiment Successful In Sawai Madhopur Rajasthan Earning Income From Seeds Oil And Petals

राजस्थान में कुसुम की खेती का प्रयोग सफल, परंपरागत फसलें छोड़ रहे किसान, बीज-तेल और पंखुडियों से कमाई