अगर आपके पशु पहले जितना दूध नहीं दे रहे और आप किसी सस्ते और असरदार उपाय की तलाश में हैं, तो यह खबर आपके काम की है. सरसों की खली एक ऐसा देसी फार्मूला है जो दूध उत्पादन में जबरदस्त बढ़ोतरी कर सकता है. यह तरीका अब गांव-देहात के साथ-साथ बड़े डेयरी फार्म्स में भी अपनाया जा रहा है.
सरसों की खली: एक सस्ता और असरदार आहार
सरसों से जब तेल निकाला जाता है, तो जो वेस्ट बचता है, उसे खली कहा जाता है. यही खली दुधारू पशुओं के लिए किसी पोषण बूस्टर से कम नहीं है. इसमें 35 से 40 प्रतिशत तक प्रोटीन पाया जाता है, जो दूध बढ़ाने में बेहद जरूरी होता है. इसके अलावा इसमें फॉस्फोरस, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स भी होते हैं, जो पशुओं की हड्डियों और ताकत को मजबूत करते हैं.
सेहत भी सुधरेगी, दूध की गुणवत्ता भी बढ़ेगी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खली न सिर्फ दूध की मात्रा बढ़ाती है, बल्कि उसकी गुणवत्ता में भी सुधार करती है. दूध में वसा (fat) और SNF (Solid Not Fat) की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे उसका बाजार मूल्य भी अच्छा मिलता है. इसके अलावा खली पाचन क्रिया को भी दुरुस्त करती है, जिससे पशु ज्यादा तंदुरुस्त रहते हैं और बीमार भी कम पड़ते हैं.