गन्ने की फसल अचानक सूख रही है? जानें कैसे ‘अर्ली शूट बोरर’ को मात देकर अपनी पैदावार बचाएं!
Sugarcane Farming: गन्ने की फसल किसानों की मेहनत और आमदनी का मुख्य स्रोत होती है, लेकिन कभी-कभी छोटे कीट भी इस मेहनत को खतरे में डाल देते हैं. ‘अर्ली शूट बोरर’ ऐसा खतरनाक कीट है जो पौधे के अंदर घुसकर उन्हें खोखला कर देता है और पत्तियों को पीला कर देता है. अगर समय पर पहचान और सही उपचार न किया जाए, तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है. सही जानकारी और सतर्कता से आप इस कीट से अपनी गन्ने की फसल बचा सकते हैं और उत्पादन को बरकरार रख सकते हैं. नीचे दिए गए छह आसान लेकिन प्रभावी उपाय किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं.

गन्ने की पत्तियां अगर ऊपर से पीली पड़ने लगें और बीच का हिस्सा यानी ‘मदर शूट’ कमजोर या सूखने लगे, तो समझ जाएं कि यह ‘अर्ली शूट बोरर’ का हमला हो सकता है. प्रभावित पौधे को खेत से उखाड़कर तने का निरीक्षण करें. तने के अंदर छोटे-छोटे छेद और सड़ा हुआ हिस्सा दिखाई देगा, जिससे तेज सिरके जैसी गंध भी आ सकती है.

मुख्य पौधों को जो कीट से प्रभावित हो गए हैं, उन्हें खेत से पूरी तरह हटा दें. इसे खेत से दूर लेकर जला या किसी सुरक्षित जगह पर फेंक दें. ऐसा करने से कीट आगे अन्य स्वस्थ पौधों तक नहीं पहुंच पाएगा. यह सबसे प्रभावी तरीका है.

अगर हमला अधिक गंभीर हो और हाथों से पौधा हटाना पर्याप्त न हो, तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर उपयुक्त कीटनाशक का छिड़काव करें. दवा केवल सुबह या शाम के समय करें, जब धूप तेज न हो. दवा की मात्रा और तरीका जानने के लिए कृषि विभाग या अनुभवी किसानों की मदद लें.

गन्ने के खेत की रोजाना निगरानी करें. नई पत्तियों और तनों में किसी भी बदलाव को ध्यान से देखें. अगर छोटे-छोटे संकेत नजर आए, जैसे पत्तियों का मुरझाना या तने में हल्की कमजोरी, तो तुरंत कार्रवाई करें. नियमित निगरानी से समय रहते कीट पकड़ में आता है.

मजबूत पौधे कीटों से बचाव में ज्यादा सक्षम होते हैं. समय पर पर्याप्त पानी दें और संतुलित पोषक तत्वों वाली खाद का प्रयोग करें. यह पौधों को अंदर से मजबूत बनाता है और उनकी वृद्धि बेहतर होती है, जिससे कीटों का प्रभाव कम पड़ता है.

खेत में बचे पौधे, सूखी पत्तियां या अन्य कचरा कीटों के पनपने का मुख्य कारण बन सकता है. इसलिए खेत को साफ और व्यवस्थित रखें. इससे कीटों के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बनता और आपकी फसल अधिक सुरक्षित रहती है.