Gardening Tips: किचन का कचरा बन सकता है सुपरफूड… बस इस तरह बनाएं पौधों के लिए जैविक खाद, वो भी बिल्कुल फ्री!

Organic Fertilizer: घर के किचन से जो भी बचा हुआ फल-सब्जी का छिलका, चाय-पत्ती या खाने का छोटा-मोटा कचरा होता है, उसे फेंकने की जल्दी न करें. सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यही कचरा तुम्हारे पौधों के लिए सुपरफूड बन सकता है. थोड़ा सा ध्यान, थोड़ी मेहनत और सही मिश्रण से आपका किचन गार्डन हरा-भरा, पौष्टिक और हेल्दी बन जाएगा. यही कचरा आपके लिए कम खर्च में ज्यादा फायदा और पौधों की जड़ें को मजबूत करने में असरदार साबित हो सकता है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 26 Jan, 2026 | 11:43 AM
1 / 6घर में उगाए जाने वाले सब्जी और फलों के पौधों की बेहतर ग्रोथ और क्वालिटी के लिए खाद का खास महत्व होता है. जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है और पौधों को स्वस्थ रखती है.

घर में उगाए जाने वाले सब्जी और फलों के पौधों की बेहतर ग्रोथ और क्वालिटी के लिए खाद का खास महत्व होता है. जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है और पौधों को स्वस्थ रखती है.

2 / 6सब्जियों के छिलके, फल के अवशेष, चाय-पत्ती, कॉफी पाउडर और अंडे के छिलकों को मिट्टी के साथ मिलाकर 30-40 दिन में पौष्टिक खाद तैयार की जा सकती है. यह पौधों की जड़ें मजबूत करती है और उत्पादन बढ़ाती है.

सब्जियों के छिलके, फल के अवशेष, चाय-पत्ती, कॉफी पाउडर और अंडे के छिलकों को मिट्टी के साथ मिलाकर 30-40 दिन में पौष्टिक खाद तैयार की जा सकती है. यह पौधों की जड़ें मजबूत करती है और उत्पादन बढ़ाती है.

3 / 6लाल केंचुए, सूखे पत्ते, गोबर और किचन कचरे को मिलाकर वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा सकता है. केंचुए कचरे को पचाकर उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद देते हैं, जो पौधों को प्राकृतिक पोषण प्रदान करती है.

लाल केंचुए, सूखे पत्ते, गोबर और किचन कचरे को मिलाकर वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा सकता है. केंचुए कचरे को पचाकर उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद देते हैं, जो पौधों को प्राकृतिक पोषण प्रदान करती है.

4 / 6चावल धोने का पानी, छाछ, गुड़ और केले के छिलकों से बनायी गई तरल खाद पौधों की तेजी से बढ़वार में मदद करती है. इसे रोजाना हिलाकर पौधों की जड़ों में डालने से पत्तियां हरी-भरी और फूल व फल अच्छे आते हैं.

चावल धोने का पानी, छाछ, गुड़ और केले के छिलकों से बनायी गई तरल खाद पौधों की तेजी से बढ़वार में मदद करती है. इसे रोजाना हिलाकर पौधों की जड़ों में डालने से पत्तियां हरी-भरी और फूल व फल अच्छे आते हैं.

5 / 6जैविक खाद का अधिक मात्रा में इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है. सप्ताह में 1-2 बार देना पर्याप्त है. संतुलित उपयोग से पौधों की वृद्धि सुरक्षित रहती है.

जैविक खाद का अधिक मात्रा में इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है. सप्ताह में 1-2 बार देना पर्याप्त है. संतुलित उपयोग से पौधों की वृद्धि सुरक्षित रहती है.

6 / 6घर के किचन कचरे से बनाई गई जैविक खाद न केवल पैसे बचाती है बल्कि ताजा और रसायन मुक्त सब्जियां उगाने में मदद करती है. इससे स्वास्थ्य बेहतर रहता है और परिवार आत्मनिर्भर बनता है.

घर के किचन कचरे से बनाई गई जैविक खाद न केवल पैसे बचाती है बल्कि ताजा और रसायन मुक्त सब्जियां उगाने में मदद करती है. इससे स्वास्थ्य बेहतर रहता है और परिवार आत्मनिर्भर बनता है.

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