प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हफ्ते असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की 22वीं किस्त जारी करने वाले हैं. पीएम किसान वेबसाइट के अनुसार, 13 मार्च 2026 को लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए यह राशि सीधे भेजी जाएगी. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 19 नवंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित कार्यक्रम में इस योजना की 21वीं किस्त जारी की थी. लेकिन इस बार कुछ किसानों को 22वीं किस्त की राशि नहीं मिलेगी.
क्या है पीएम किसान योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना एक केंद्रीय सेक्टर की स्कीम है. इसके तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है. इस पैसे से किसान बीज, उर्वरक, खेती के उपकरण और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. अभी तक केंद्र सरकार पीएम किसान के तहत 21 किस्तें जारी कर चुकी है.
लाभार्थी ऐसे चेक करें सूचनी में अपना नाम
अगर किसान यह देखना चाहते हैं कि उनका नाम लाभार्थियों की सूची में है या नहीं, तो वे आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in
पर जाकर आसानी से जांच कर सकते हैं. इसके लिए वेबसाइट के होमपेज पर Farmers Corner सेक्शन में जाकर Beneficiary List विकल्प पर क्लिक करना होगा. इसके बाद अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनकर Get Report पर क्लिक करें. इससे पीएम किसान योजना के सभी लाभार्थियों की सूची दिखाई दे जाएगी.
22वीं किस्त कुछ किसानों को नहीं मिल सकती है
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की 22वीं किस्त कुछ किसानों को नहीं मिल सकती है. सरकार ने कुछ संदिग्ध मामलों की पहचान की है, जिन्हें लाभार्थी सूची से अस्थायी रूप से रोका गया है. इनमें वे किसान शामिल हैं जिन्होंने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदी है या जिनके परिवार में एक से अधिक लोग इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जैसे पति-पत्नी या परिवार के अन्य सदस्य. ऐसे मामलों में लाभ तब तक रोका गया है जब तक भौतिक सत्यापन पूरा नहीं हो जाता.
Farmer ID को 14 राज्यों में अनिवार्य कर दिया गया है
इसके अलावा, नए पंजीकरण के लिए Farmer ID को 14 राज्यों में अनिवार्य कर दिया गया है, जहां किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है. इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश शामिल हैं. जिन राज्यों में किसान रजिस्ट्री का काम अभी शुरू नहीं हुआ है, वहां पंजीकरण के लिए Farmer ID जरूरी नहीं है.
कुल 3.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों को दिए जा चुके हैं
PM-KISAN योजना के तहत अब तक कुल 3.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों को दिए जा चुके हैं. नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में 21वीं किस्त जारी की, जिसमें 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को 18,000 करोड़ रुपये दिए गए. इससे पहले अगस्त 2025 में 20वीं किस्त में 9.8 करोड़ किसानों, जिनमें 2.4 करोड़ महिलाएं शामिल थीं, को लाभ मिला था. वहीं, सरकार बार-बार कहती रही है कि इस योजना का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और गैर-औपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करना है. सीधे मिलने वाली यह आर्थिक मदद किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में सक्षम बनाती है, जिससे फसल अच्छी रहती है और खेती लगातार चलती रहती है.
पीएम किसान योजना के लिए कौन पात्र है?
- वह भारत का नागरिक हो.
- उसके पास खेती योग्य जमीन हो.
- वह छोटा या सीमांत किसान हो.
- उसे हर महीने 10,000 रुपये या उससे अधिक पेंशन न मिलती हो.
- उसने आयकर रिटर्न दाखिल न किया हो.
- वह किसी संस्था या संस्थागत जमीन का मालिक न हो.