Krishak Unnati Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब जो किसान सिर्फ धान की खेती करने के बजाय दूसरी फसलें उगाएंगे, उन्हें सरकार की तरफ से आर्थिक मदद दी जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खरीफ सीजन 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी गई है. सरकार का कहना है कि राज्य के ज्यादातर किसान धान की खेती पर निर्भर हैं. ऐसे में अगर किसान मक्का, दलहन, तिलहन और दूसरी फसलों की खेती करेंगे, तो उनकी कमाई बढ़ सकती है और खेती भी ज्यादा फायदेमंद बन सकती है.
धान की जगह इन फसलों की खेती पर मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के तहत अब जो किसान धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी. पहले इस योजना के तहत किसानों को 10,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है. सरकार का मानना है कि इससे किसान दूसरी फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित होंगे. साथ ही उन्हें खेती का खर्च निकालने और बेहतर कमाई करने में भी मदद मिलेगी.
अलग-अलग फसलों की खेती को बढ़ावा
सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है. लगातार धान की खेती करने से जमीन की उर्वरता और जल संसाधनों पर दबाव बढ़ता है. ऐसे में अगर किसान दलहन, तिलहन और मोटे अनाज जैसी दूसरी फसलें उगाते हैं, तो मिट्टी की सेहत बेहतर बनी रहती है और पानी की भी बचत होती है.
इसके अलावा किसानों को बाजार में नए अवसर मिलते हैं और उनकी कमाई बढ़ने की संभावना भी रहती है. साथ ही राज्य में अलग-अलग तरह की फसलों का उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलती है.
डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर मिलेगा लाभ
सरकार का कहना है कि इस योजना का फायदा सिर्फ पात्र किसानों को मिलेगा और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. सहायता राशि देने के लिए सरकार किसान पोर्टल, किसान पंजीकरण और फसल से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड का इस्तेमाल करेगी. इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का लाभ सही किसानों तक पहुंचे. साथ ही पूरी प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी, जिससे किसानों को बिना किसी परेशानी के सीधे मदद मिल सकेगी.
चना वितरण जारी रखने के लिए भी फैसला
कैबिनेट बैठक में राशन व्यवस्था को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार ने 2026-27 में राशन योजनाओं के तहत लोगों को चना देना जारी रखने का निर्णय लिया है. इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को ई-ऑक्शन के जरिए चना खरीदने की मंजूरी दी गई है. सरकार का कहना है कि इस फैसले से राशन वितरण में कोई बाधा नहीं आएगी और जरूरतमंद लोगों को समय पर चना मिलता रहेगा. इस फैसले से राशन वितरण का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा और जरूरतमंद लोगों को समय पर चना मिल सकेगा.
किसानों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
अलग-अलग फसलों की खेती अपनाने से किसानों की कमाई बढ़ सकती है. इससे किसानों की धान पर निर्भरता कम होगी और पानी की भी बचत होगी. साथ ही किसान बाजार की मांग के हिसाब से दूसरी फायदेमंद फसलें उगा सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी. सरकार की ओर से दी जाने वाली 15,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता किसानों के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकती है. इससे वे नई फसलों की खेती करने के लिए ज्यादा उत्साहित होंगे और खेती को पहले से अधिक फायदेमंद बना सकेंगे.