पपीते की यह उन्नत किस्म बदल सकती है किस्मत, एक एकड़ से लाखों की कमाई का मौका

अगर किसान एक एकड़ जमीन में रेड लेडी 786 पपीता की खेती करते हैं, तो लगभग 800 पौधे लगाए जा सकते हैं. पौधों की सही दूरी रखने से उन्हें भरपूर धूप और पोषण मिलता है, जिससे उत्पादन अच्छा होता है. बाजार में इस किस्म के पपीते की कीमत औसतन 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 6 Feb, 2026 | 08:30 AM

papaya farming: खेती अब सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं रही, बल्कि सही जानकारी और सही फसल के साथ यह अच्छी कमाई का जरिया भी बन चुकी है. आज के समय में किसान पारंपरिक फसलों से हटकर ऐसी नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिनसे कम समय में ज्यादा मुनाफा मिल सके. इन्हीं फसलों में पपीता भी शामिल है, जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. अगर किसान सही किस्म का चुनाव कर लें, तो एक ही एकड़ जमीन से लाखों रुपये की आमदनी संभव है. पपीते की एक ऐसी ही उन्नत और महंगी किस्म है, जो किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है.

पपीता की खेती क्यों बन रही है किसानों की पसंद

पपीता एक ऐसी फल फसल है, जिसे उगाने में ज्यादा समय नहीं लगता और इसकी तुड़ाई भी जल्दी शुरू हो जाती है. आमतौर पर रोपाई के 7–8 महीने बाद ही फल बाजार में आने लगते हैं. पपीता सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है, इसलिए शहरों से लेकर गांवों तक इसकी खपत लगातार बनी रहती है. होटल, जूस सेंटर, फल मंडी और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में इसकी अच्छी मांग रहती है. यही वजह है कि किसान अब पपीते की खेती को एक फायदे का व्यवसाय मानने लगे हैं.

रेड लेडी 786: पपीते की उन्नत और भरोसेमंद वैरायटी

पपीते की जिस किस्म ने किसानों का भरोसा जीता है, उसका नाम रेड लेडी 786 है. यह एक हाईब्रिड वैरायटी है, जो अपने बेहतरीन उत्पादन और क्वालिटी के लिए जानी जाती है. इस किस्म के फल आकार में बड़े, वजन में भारी और देखने में आकर्षक होते हैं. इसका गूदा गहरा लाल रंग का होता है, जो बाजार में ग्राहकों को काफी पसंद आता है.

रेड लेडी 786 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका छिलका मोटा होता है. इसी कारण यह फल लंबी दूरी के परिवहन में भी जल्दी खराब नहीं होता. किसान इसे स्थानीय मंडी के साथ-साथ दूर की बड़ी फल मंडियों तक आसानी से भेज सकते हैं. इस किस्म में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी होती है, जिससे फसल खराब होने का खतरा कम रहता है.

कम समय में ज्यादा उत्पादन की क्षमता

रेड लेडी 786 पपीता की खेती में उत्पादन की बात करें, तो यह किस्म किसानों को निराश नहीं करती. एक स्वस्थ पौधे से औसतन 80 से 90 किलो तक फल आसानी से मिल जाता है. अनुकूल परिस्थितियों में यही उत्पादन बढ़कर करीब 1 से 1.5 क्विंटल प्रति पौधा भी पहुंच सकता है. रोपाई के चार से पांच महीने बाद पौधों में फूल आना शुरू हो जाता है और आठ महीने के भीतर फल तैयार होने लगते हैं. किसान इसे कच्चा और पका, दोनों अवस्थाओं में बाजार में बेच सकते हैं.

एक एकड़ में कितने पौधे और कितनी कमाई

अगर किसान एक एकड़ जमीन में रेड लेडी 786 पपीता की खेती करते हैं, तो लगभग 800 पौधे लगाए जा सकते हैं. पौधों की सही दूरी रखने से उन्हें भरपूर धूप और पोषण मिलता है, जिससे उत्पादन अच्छा होता है. बाजार में इस किस्म के पपीते की कीमत औसतन 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है. अच्छी पैदावार और सही मार्केट मिलने पर एक एकड़ से कुल उत्पादन लाखों रुपये में पहुंच सकता है.

अगर औसत हिसाब से भी देखें, तो एक एकड़ से 5 से 8 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई संभव है. वहीं, बेहतर देखभाल, सही समय पर तुड़ाई और अच्छी मंडी मिलने पर यह मुनाफा 8 से 10 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकता है. खेती में आने वाले खर्च निकालने के बाद भी यह रकम किसानों के लिए बड़ी राहत बन सकती है.

किसानों के लिए सुनहरा मौका

रेड लेडी 786 पपीता की खेती उन किसानों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जो कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं. बस जरूरी है कि पौधे अच्छी नर्सरी से लिए जाएं, खेत की तैयारी सही ढंग से हो और समय-समय पर सिंचाई व पोषण का ध्यान रखा जाए. सही योजना और मेहनत के साथ पपीते की यह किस्म किसानों की आमदनी को नई ऊंचाई पर ले जा सकती है.

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Published: 6 Feb, 2026 | 08:30 AM

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