देश के बड़े जलाशयों में पानी का संकट गहराया, दक्षिण भारत में हालात सबसे खराब…जानें CWC-IMD का ताजा डेटा

बारिश की कोई ठोस संभावना न होने के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में जलाशयों का स्तर और नीचे जा सकता है. हालांकि गोवा, छत्तीसगढ़ और मेघालय जैसे कुछ राज्यों में अभी भी 80 प्रतिशत से ज्यादा जल भंडारण दर्ज किया गया है, लेकिन देश के बड़े हिस्से में हालात सतर्क रहने वाले हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 6 Feb, 2026 | 07:30 AM

India reservoir storage: देश के कई हिस्सों में भले ही सर्दी का मौसम चल रहा हो, लेकिन पानी को लेकर चिंता धीरे-धीरे गहराती जा रही है. भारत के प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर लगातार गिर रहा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के 166 बड़े जलाशयों में पानी का कुल भंडारण अब घटकर क्षमता के सिर्फ 67 प्रतिशत के आसपास रह गया है. यह स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि साल की शुरुआत से अब तक देश में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है.

कुल जल भंडारण में लगातार गिरावट

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के मुताबिक, देश के सभी प्रमुख जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 183.565 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) है. मौजूदा समय में इनमें सिर्फ 122.313 BCM पानी बचा है, जो कुल क्षमता का करीब 66.63 प्रतिशत है. हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 8.5 प्रतिशत बेहतर है और बीते 10 वर्षों के औसत से लगभग 25 प्रतिशत ज्यादा है, लेकिन लगातार घटते स्तर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

दक्षिण भारत में हालात सबसे कमजोर

देश के पांच जल भंडारण क्षेत्रों में दक्षिण भारत की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली है. दक्षिणी क्षेत्र के 47 प्रमुख जलाशयों की कुल क्षमता 55.288 BCM है, लेकिन इनमें फिलहाल सिर्फ 32.710 BCM पानी मौजूद है. यानी भंडारण 60 प्रतिशत से भी नीचे चला गया है. पिछले साल इसी समय दक्षिण भारत में जलाशयों का स्तर 60.3 प्रतिशत था, जबकि इस बार यह और नीचे खिसक गया है. यह गिरावट खेती, पीने के पानी और आने वाले महीनों की जल जरूरतों के लिहाज से बड़ा संकेत मानी जा रही है.

पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों की स्थिति

पश्चिमी भारत, जहां आमतौर पर जल भंडारण सबसे ज्यादा रहता है, वहां भी इस सप्ताह भंडारण 80 प्रतिशत से नीचे आ गया है. पश्चिमी क्षेत्र के 53 जलाशयों में कुल 38.094 BCM क्षमता के मुकाबले 29.736 BCM पानी बचा है, यानी करीब 78.6 प्रतिशत. इस पूरे क्षेत्र में सिर्फ गोवा का एक जलाशय ऐसा है, जो अब भी 80 प्रतिशत से ज्यादा भरा हुआ है.

उत्तरी भारत के 11 जलाशयों में स्थिति और कमजोर है. यहां कुल 19.836 BCM क्षमता के मुकाबले सिर्फ 12.29 BCM पानी मौजूद है, जो करीब 62 प्रतिशत बैठता है.

पूर्वी क्षेत्र के 27 जलाशयों में जल स्तर 64.3 प्रतिशत पर है, जबकि मध्य भारत के 28 जलाशयों में भंडारण लगभग 69 प्रतिशत दर्ज किया गया है.

बारिश की कमी बनी सबसे बड़ी वजह

भारत मौसम विज्ञान विभाग(IMD) के आंकड़े इस गिरावट की बड़ी वजह बताते हैं. विभाग के अनुसार, साल की शुरुआत से अब तक देश के 727 जिलों में से करीब 71 प्रतिशत जिलों में या तो सामान्य से कम बारिश हुई है या बिल्कुल बारिश नहीं हुई. पूरे देश में अब तक औसतन 31 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग का यह भी कहना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में किसी बड़े बारिश वाले सिस्टम की संभावना नहीं दिख रही है.

आगे और घट सकता है पानी का स्तर

बारिश की कोई ठोस संभावना न होने के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में जलाशयों का स्तर और नीचे जा सकता है. हालांकि गोवा, छत्तीसगढ़ और मेघालय जैसे कुछ राज्यों में अभी भी 80 प्रतिशत से ज्यादा जल भंडारण दर्ज किया गया है, लेकिन देश के बड़े हिस्से में हालात सतर्क रहने वाले हैं.

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Published: 6 Feb, 2026 | 07:30 AM

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